पटना. रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान को राजनीति में अपने पिता की तरह दलित नेता कहलाना कतई पसंद नहीं है. उन्होंने एक निजी चैनल से बातचीत में कहा कि बिहार में जाति की राजनीति का टाइम अब खत्म हो गया है और वे एक सामान्य नेता के रूप में उभर कर सामने आना चाहते हैं न की दलित नेता के रूप में.
 
बता दें कि रामविलास का राजनीति करियर एक लोकप्रिय दलित नेता के रूप में हुई है और इसी की वजह से बिहार में उनकी पहचान बन पाई है. इसके उल्ट चिराग ने कहा कि मैं खुद को एक दलित नेता के रूप में सामने नहीं लाना चाहता क्योंकि अब वक्त बिल्कुल बदल चुका है. अभिनेता से नेता बने चिराग का ये भी कहना है कि बॉलीवुड अब बहुत पीछे छूट गया है और राजनीति ही उन्हें पसंद आ रही है. 
 
अपनी टिपण्णीयों से विवादों में रहने वाले चिराग लोक जनशक्ति पार्टी में पार्लियामेंट्री बोर्ड के चेयरमैन है. हालांकि उनकी नियुक्ति पर पार्टी में नाराजगी जाहिर की गई थी लेकिन रामविलास अपने बेटे का ज्यादा महत्व देना पंसद करते हैं.
 
 

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