पटना. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नीतीश कुमार और लालू यादव पर दलितों-पिछड़ों के कोटे से काटकर ‘दूसरे समुदाय’ को आरक्षण देने की साजिश का जो आरोप लगाया था, उस ‘दूसरे समुदाय’ को बीजेपी ने साफ़ तौर पर मुसलमान बता दिया है. 
 
भारतीय जनता पार्टी ने बिहार के अख़बारों में विज्ञापन दिया है जिसमें ‘लालू-नीतीश जवाब दो, 25 सालों का हिसाब दो’ शीर्षक से पूछा गया है कि दलितों-पिछड़ों की थाली खींच, अल्पसंख्यकों को आरक्षण परोसने का षड़यंत्र क्या सुशासन है? 
 
पीएम मोदी ने कहा था पांच फीसदी आरक्षण काटने की हो रही है साजिश 
बता दें कि आरक्षण के मुद्दे पर बिहार चुनाव में डिफेंसिव चल रही बीजेपी को आक्रामक तेवर देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो दिन पहले बक्सर में नीतीश और लालू पर दलित, महादलित, पिछड़ा और अति पिछड़ा के आरक्षण से 5 फीसदी आरक्षण काटकर एक खास समुदाय को देने की साजिश करने का आरोप लगाया था.
 
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में ‘दूसरे समुदाय’ का जिक्र करके संकेत दिया था कि वो अल्पसंखकों को आरक्षण देने की कोशिशों की बात कर रहे हैं. लेकिन अब इस विज्ञापन के साथ ही यह स्पष्ट हो गया है कि वो दूसरा समुदाय मुसलमान है. 
 
लालू-नीतीश से ओबीसी वोट झटकने की रणनीति 
लालू और नीतीश के वोट बैंक में ओबीसी और मुसलमानों की हिस्सेदारी अहम है. ऐसे में बीजेपी का यह विज्ञापन स्पष्ट रूप से ओबीसी वोटरों को मुसलमानों के आरक्षण का डर दिखाकर महागठबंधन से अपनी ओर खींचने की रणनीति है. 
 
इस विज्ञापन में महागठबंधन के तीनों घटक जेडीयू, आरजेडी और कांग्रेस के नेताओं के अल्पसंख्यकों को आरक्षण के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए पूछा गया है कि सुशासन का दंभ भरने वाले मुख्यमंत्री बताएं कि दलितों-पिछड़ों का हक काटकर अल्पसंख्यकों को बांटने का कपट कब तक करते रहेंगे. 

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