मधुबनी. बिहार में विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र इंडिया न्यूज़ के मैनेजिंग एडिटर राणा यशवंत ‘बिहार पर्व’ कार्यक्रम के अगले पड़ाव में जनता की नब्ज़ टटोलने के लिए ‘मधुबनी’ पहुंचे. ये जिला खास मधुबनी पेंटिंग के लिए मशहूर है. बता दें कि मधुबनी का पौराणिक नाम ‘मधुवाणी’ था. मधुबनी मैथली के महाकवि विद्यापति का भी गृहजिला है.

मधुबनी की सियासत

मधुबनी में विधानसभा की 10 सीटें हैं. 2010 के विधानसभा चुनावों में 10 सीटों में से 7 सीटों पर एनडीए ने कब्जा किया था. जिसमें जेडीयू को 4, बीजेपी को 3 सीट मिली थी. जबकि आरजेडी ने भी 3 सीटों पर कब्जा जमाया था. मधुबनी विधानसभा सीट पर साल 2000 से बीजेपी को जीत मिलती आई है. साल 2010 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के रामदेव महतो ने आरजेडी के नैयर आज़म को करीबी मुकाबले में सिर्फ 588 वोटों से हराया था. बता दें कि मधुबनी में आखिरी चरण में पांच नवंबर को मतदान होना है.

मधुबनी की समस्याएं

मधुबनी में सलाना बाढ़ से जनता लगातार परेशान हैं. इलाके में किसानों के लिए सिंचाईं की उचित व्यवस्था नहीं है. इतना ही नहीं जिले में बेरोजगारी भी एक प्रमुख समस्या है जिससे युवा यहां से पलायन करने को मजबूर हैं.

 

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