नई दिल्ली. उज्जैन सिंहस्थ कुम्भ 2016 अपने आप में अनोखा है. साधु-संतों व उनके अखाड़ों की भी अपनी-अपनी विशिष्ट परंपराएं व रीति-रिवाज होते हैं.’उज्जयिनी’ नामकरण के पीछे भी इस प्रकार की पौराणिक गाथा जुड़ी है.

इन संतों और अखाड़ों का व्यापक समर्थन भी मिलने लगा है. अध्यात्मिक गुरु पवन सिन्हा बताएंगे इंडिया न्यूज के शो गुडलक गुरु में अखाड़ों की विशिष्ट परंपराएं के बारे में

Leave a Reply

Your email address will not be published.

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App