नई दिल्ली. बिहार की चुनावी महाभारत की रणभेरी बज चुकी है. चुनाव आयोग ने आज 5 चरणों में विधानसभा चुनाव का ऐलान कर दिया है. दिलचस्प बात ये है कि आज तारीखों का ऐलान हो गया लेकिन दोनों प्रमुख गठबंधन दलों में अभी भी सीटों के बंटवारे को लेकर उठापटक मची हुई है, हलांकि नीतीश-लालू के सामने हालात साफ हो चुके हैं, और ये तय हो गया है कि उन्हें चुनाव में मोदी की आंधी के साथ-साथ नेताजी के गुस्से से भी भिड़ना पड़ेगा, लेकिन एनडीए में तो अभी कुछ भी तय नहीं है.
 
 
बीजेपी ने सीटों के बंटवारे को लेकर एक फॉर्मूला सुझाया तो सहयोगियों के गाल फूलने लगे. सबसे ज्यादा पेंच जीतनराम मांझी को लेकर फंसा है. उन्हें लगता है कि दलितों के नेता के तौर पर उनका कद रामविलास पासवान से कमतर नहीं है, लिहाजा उन्हें भी पासवान के बराबर सीटें मिलनी चाहिए. इसे लेकर जुबानी जंग भी शुरू है. इसी मसले पर मांझी आज बीजेपी नेताओं से मुलाकात भी कर रहे हैं, उधर पप्पू यादव और मुलायम सिंह भी अलग ताल ठोंक रहे हैं. ऐसे सूरत-ए-हाल में सवाल उठता है कि क्या इस बार बिहार के सीएम का फैसला ये ‘वोट-कटवा’ ही करने वाले हैं ?

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App