नई दिल्ली. बिहार चुनावों के मद्देनजर सियासी खींचतान के बीच सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने लालू प्रसाद की मौजूदगी में नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया. मुलायम ने बताया कि लालू ने ही नीतीश के नाम की सिफारिश की. इस मौके पर लालू बोले, हमारी प्राथमिकता बीजेपी की दहशत को रोकना है. 

लालू ने आगे कहा कि हम सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ एकजुट हैं. हम लगातार नीतीश सरकार का समर्थन कर रहे हैं। हमारी एकजुटता पर कई सवाल उठे, लेकिन हमने सबको गलत साबित किया है। मेरे और नीतीश के बीच कोई मतभेद नहीं हैं, हां, कभी होते थे, पर ये चलता रहता है.  बीजेपी को रोकने के लिए जहर भी पीने को तैयार हूं. लालू ने कहा, मेरे परिवार के किसी बच्चे की राजनीति में रुचि नहीं है. हमने फैसले का अधिकार मुलायम सिंह यादव को दिया था.  सारे देश कि निगाह बिहार पर है. 

बिहार में इसी साल विधान सभा चुनाव होने वाले हैं.  आपको बता दें कि जनता परिवार के छह दलों..समाजवादी पार्टी, जद यू, जद (एस), आरजेडी, इनेलो और समाजवादी जनता पार्टी ने 15 अप्रैल को अपने विलय की घोषणा की थी और सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव को नये दल का प्रमुख घोषित किया गया था.

क्या कहते हैं सर्वे
पिछले महीने हुए एबीपी-नीलसन सर्वे में यह साफ हो गया था कि अगर नीतीश आरजेडी और कांग्रेस के साथ गठबंधन में चुनाव में जाते हैं तो सत्ता की चाबी एक बार फिर अपने पास रखने में कामयाब हो सकते हैं. सर्वे के मुताबिक इस गठजोड़ में जेडीयू गठबंधन के 127 सीटें जीतकर बहुमत का जादुई आंकड़ा पार कर जाने के आसार हैं, जबकि बीजेपी गठबंधन 112 सीटों पर सिमट जाएगा. निर्दलीय और अन्य के खाते में 4 सीटें जाती दिख रही हैं.
 
जेडीयू गठबंधन के 127 सीटों में जेडीयू का योगदान महज़ 42 सीटों का होगा, जबकि आरजेडी 61 और कांग्रेस 24 सीटों का योगदान देती दिख रही है. बीजेपी की 112 सीटों में 93 सीटें बीजेपी की होगी, जबकि रामविलास की पार्टी एलएनजेपी की 3 और उपेंद्र कुशवाही की पार्टी आरएलएसपी की 16 सीटें होगी.

IANS से भी इनपुट 

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