Sunday, September 25, 2022

PoK में भारतीय सैनिकों की सर्जिकल स्ट्राइक की असली कहानी

नई दिल्ली. PoK में भारत के स्पेशल कमाडोज़ की सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर सबसे बड़ा खुलासा आज हुआ है. इसरो ने अंतरिक्ष में भारत की कामयाबी के जो झंडे गाड़े हैं उन्हीं की मदद से इंडियन आर्मी ने LOC के दूसरी तरफ आतंकी कैंपों को चिह्नित किया और फिर LOC पार करके इन्हें नेस्तनाबूत किया. 
 
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तीन महीने पहले अंतरिक्ष में भेजी गई इसरो की कार्टोसैट-2सी सैटेलाइट पाकिस्तान के खिलाफ इस ऑपरेशन का सबसे बड़ा जरिया बनीं. सैटेलाइट से ही मिली तस्वीरों से ये बात भी सामने आ रही है कि PoK में 38 नहीं बल्कि 50 से ज्यादा आतंकी मारे गए हैं. अब आपको दिखाते हैं PoK में सर्जिकल स्ट्राइक की पूरी कहानी…
 
पहला चरण- 5-6 दिन पहले सैटेलाइट से आतंकी कैंपों की पहचान की गई.
दूसरा चरण- कैंपों की पहचान होने के बाद वॉर रूम में स्ट्राइक की रणनीति बनी
तीसरा चरण- रणनीति फाइनल होने के बाद बुधवार रात LOC पर स्पेशल कमांडोज़ को उतारा गया.
चौथा चरण- करीब डेढ़ सौ कमांडोज़ ने PoK में 7 अलग-अलग कैंपों पर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया और 50 से ज्यादा आतंकियों को ढेर कर दिया.
पांचवां चरण- जब ये ऑपरेशन अंजाम दिया जा रहा था, तब दिल्ली में कंट्रोल रूम से NSA अजीत डोवाल, रक्षा मंत्री और DGMO सैटेलाइट के जरिए ही इसकी मॉनिटरिंग कर रहे थे.
 
सैटेलाइट के अलावा कमांडोज़ के हेड-गीयर पर लगे गो-प्रो कैमरे और ड्रोन कैमरे की लाइव फीड के जरिए भी कंट्रोल रूम में मॉनिटरिंग की जा रही थी. 50 से ज्यादा आतंकियों को ढेर करके, सुबह करीब 5.30 बजे भारत के सभी कमांडोज़ वापस LOC के अंदर आ गए और इस तरह PoK में सर्जिकल स्ट्राइक का ये बड़ा ऑपरेशन खत्म हुआ
 
(वीडियो में देखिए पूरा शो)

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