नई दिल्ली. दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने आज एलजी नजीब जंग और मुख्यमंत्री केजरीवाल की जंग को अलग ही रंग देने की कोशिश की. मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों की नियुक्तियों और तबादलों पर केजरीवाल सरकार के फैसले उन लोगों को ज्यादा खटक रहे हैं, जो दिल्ली में करोड़ों रुपयों की ट्रांसफर-पोस्टिंग इंडस्ट्री चला रहे हैं. अब सवाल ये है कि क्या मनीष का इशारा मोदी सरकार की ओर है, जिसके पास अधिकारियों की तैनाती और तबादले का अधिकार है ?

क्या मनीष का इशारा एलजी की तरफ है, जो संविधान के मुताबिक ट्रांसफर-पोस्टिंग के ऑर्डर जारी कराते हैं ? क्या मनीष ये बताना चाहते हैं कि केंद्र एलजी आईएएस सब मिलकर इस कथित इंडस्ट्री में मलाईदार विभाग दिलाने के लिए लाखों करोड़ों के वारे-न्यारे कर रहे हैं?

सवाल ये भी है कि फिर दिल्ली सरकार का एंटी करप्शन ब्रांच आखिर क्या कर रहा है? आखिर कैसे ‘आप’ के राज में भी चालू है मलाईदार विभाग का खेल?