जयपुर. राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में एक 4 साल की बच्ची का बाल विवाह कराया गया और दूल्हे की उम्र थी 8 साल.  बाल विवाह के खिलाफ कड़े कानून बनाए गए है लेकिन जिस तरह का वाक्या पेश आया है  वह लोगों की सोच पर तरस दिखाता है लेकिन गुस्सा भी पैदा करता है.
 
जिस उम्र में बच्चे गुड्डे-गुड़ियों का खेल खेलते हैं उस उम्र में अगर वो खुद उसी खेल के असली किरदार बन जाएं और गुड्डे-गुड़ियों की जगह उनकी शादी करा दी जाए तो इस पर क्या कहा जाए?
 
भले ही हम 21वीं शताब्दी में जी रहे हो लेकिन इस तरह की प्रत्थाएं हमे हिलाकर रख देती हैं जिनका समाधान तो दूर इन पर कदम भी उठाया नहीं जाता.
 
इंडिया न्यूज के खास शो ‘बीच बहस में’ इसी अहम मुद्दे पर पेश है चर्चा.
 
 
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