नई दिल्ली. महाराष्ट्र में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची है लगातार 5 वें साल सूखे के हालात बने हुए हैं. आलम ये है कि रेलगाड़ी से पानी भेजकर किसी तरह जिंदगियां बचाने की कोशिश की जा रही है.
 
लेकिन ऐसे माहौल को भी कुछ लोग अपना एजेंडा चमकाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं. शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने बयान दिया है कि अकाल इसलिए पड़ा क्योंकि महाराष्ट्र में साईंपूजा की जाती है. ऐसी बेतुकी बयानबाजी में सियासतदान भी पीछे नहीं हैं.
 
सवाल उठता है कि अगर मरहम नहीं लगा सकते तो ना सही, नेता और धर्मगुरु,, जख्मों पर नमक क्यों छिड़क रहे हैं ?
 
इंडिया न्यूज के खास शो ‘बीच बहस में’ इसी अहम मुद्दे पर पेश है चर्चा.
 
वीडियो पर क्लिक करके देखिए पूरा शो

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App