नई दिल्ली. मारुती सुजुकी इंडिया की कारें अब 95 प्रतिशत रिकवरेबल और 85 प्रतिशत रीसाइकिलेबल होंगी. कंपनी ने हाल ही में इंटरनेशनल मटेरियल डेटा सिस्टम (आईएमडीएस) तकनीक को अपनाया है. इसके जरिए कंपनी अपनी गाड़ियों में ऐसे मटेरियल का उपयोग करेगी जो पर्यावरण के लिए खतरनाक न हो. यानी कि कंपनी की कारों में लगे मटेरियल को फिर से उपयोग में लाया जा सकेगा. मारुती सुजुकी भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी है. अपनी मार्केट वेल्यू को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने आईएमडीएस को अपनाया है. आईएमडीएस ऑटोमोबाइल उत्पादों में उपयोग लाए जाने वाले मटेरियल से जुड़े डाटा को इकट्ठा कर उसका विश्लेषण करता है.

मारुती सुजुकी इंडिया के एमडी और सीईओ केनिची ओकावा का कहना है कि उनकी कंपनी हमेशा से ही पर्यावरण के प्रति सजग रही है. मारुती सुजुकी ने पहले भी पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई कदम उठाए हैं. कंपनी ने गाड़ियों में खतरनाक पदार्थो को नियंत्रण में लाने के लिए वैश्विक नीति अपनाई है. अब कंपनी गाड़ियों के उत्पादन में रीसाइकिलेबल और रिकवरेबल मटेरियल उपयोग में लाएगी. मारुती सुजुकी भविष्य में आने वाले सभी मॉडल्स में यह तकनीक अपनाएगी. सबसे पहले वेगनर मॉडल में आईएमडीएस तकनीक को अपनाया जाएगा.
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