नई दिल्ली. आने वाले फेस्टिव सीजन के दौरान खास तौर पर एप आधारित कैब सेवाएं देने वाली तीन नयी कंपनियां तेजी से उभर रहे टैक्सी बाजार में हिस्सेदारी पाने और अपनी पहचान कायम करने के लिए किराये में ‘वृद्धि-मुक्त’ मूल्य निर्धारण टैगलाइन पर जोर दे रही है. यानी कि ये कंपनियां पीक आवर में ओला और उबर की तरह ज्यादा पैसे नहीं वसुलेंगी. 
 
बता दें कि अभी ओला और उबर कंपनियों में व्यस्त घंटों यानी कि पीक आवर के दौरान यात्रियों का किराया स्वत: अधिक हो जाता है, जिसे लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतें काफी बढ़ी हैं. यही वजह है कि इन शिकायतों के मद्देनजर नयी कंपनियां टिगर, यात्रिक और ओटीएल कैब ने इस मौके को भुनाने की कोशिश कर दी है.
 
टिगर और यात्रिक कंपनी ने सड़कों पर चल रही करीब 30 हजार पीली, सफेद और नीली टैक्सियों को आकर्षित करने के लिए अपना एप पेश कर दिया है. बता दें कि टिगर के पास अभी तीन हजार कंपनियां हैं. इसने 18 सितंबर को एप को लॉन्च कर दिया है.
 
 
टिगर एप के को फाउंडर और सीईओ के आदित्य पोद्दार ने कहा कि हमारी सेवा लोगों को वृद्धि मुक्त किराया की सेवा प्रदान करेगी. यह राज्य ट्रांसपोर्ट टैक्सी फेयर के द्वारा संचालित होगी. हम यात्रियों को डिजिटल पेमेंट मोड भी ऑफर कर रहे हैं. 
 
ओटिएल कैब के मैनेजिंग डायरेक्टर अद्रिक रॉय ने कहा कि हमारी मूल्य निर्धारण नीति में किराये में वृद्धि नहीं होगी. उन्होंने कहा कि उनके पास दो हजार लग्जरी टैक्सियां हैं, जो जल्द ही इस सड़कों पर उतर जाएगी. 
 
ओटीएल कैब के मैनेजिंग डायरेक्टर आद्रिक रॉय ने कहा, कि हमारी मूल्यनिर्धारण नीति में स्वत: किराया वृद्धि नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि ओटीएल कैब के पास अभी करीब दो हजार लग्जरी टैक्सियां हैं और यह जल्दी ही सड़कों पर दिखेंगी.
 
 
आगे उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि हम दुर्गापूजा से पहले 2000 हैचबैक और सेडान के साथ ऐप लांच कर लेंगे. बता दें कि यात्रिक ने करीब 300 मीटर कैब के साथ अपना एप लांच कर दिया है. 
 
ट्रांसपोर्ट विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मीटर वाले टैक्सियों द्वारा इनकार करने की समस्या हल हो जाएगी, जब वह ऐप्स पर अनुरोध स्वीकार करना शुरू कर देगी.

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