नई दिल्ली: मारूति सुज़ुकी ने हाल ही में इग्निस को पेश किया है, यह अपने सेगमेंट की पहली कार है जिस में एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (एबीएस), इलेक्ट्रॉनिक ब्रेक फोर्स डिस्ट्रीब्यूशन (ईबीडी) और ड्यूल एयरबैग्स दिए गए हैं. सेफ्टी फीचर तो अच्छे हैं और दुर्घटना के वक्त ये ड्राइवर और पैसेंजर का गंभीर चोटों से बचाव भी करते हैं लेकिन इस मामले में कार के डिजायन और बॉडी स्ट्रक्चर की भी अहम भूमिका होती है.

मिलिये टाटा मोटर्स की इस नई पेशकश से…

इग्निस के डिजायन और बॉडी से जुड़ी सुरक्षा जांचने के लिए कंपनी ने रोहतक में स्थित अपने रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर में इसके क्रैश टेस्ट किए. टेस्ट के दौरान कार को 56 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पर क्रैश कराया गया. कार में अलग-अलग डमी भी बैठायी गईं थी. सामने और साइड से कार का क्रैश टेस्ट हुआ.

(इग्निस के क्रैश टेस्ट में इस्तेमाल हुईं डमी)

आगे से क्रैश टेस्ट के दौरान इग्निस के बंपर को काफी नुकसान पहुंचा लेकिन कार का ढांचा सही सलामत रहा, ए और बी पिलर को नुकसान नहीं हुआ, एयरबैग्स अच्छे से खुले और दरवाजे भी बॉडी से जुड़े रहे.

मारूति सुज़ुकी की सियाज़ और अर्टिगा अब पहले से ज्यादा सुरक्षित

इग्निस के दरवाजों ऐसे डिजायन किए गए हैं कि दुर्घटना की स्थिति में इन्हें काटने या फिर तोड़ने की जरुरत नहीं पड़ेगी, ड्राइवर या पैसेंजरों को कम वक्त में आराम से बाहर निकाला जा सकता है और उन्हें समय रहते सहायता दी जा सकती है.

(इग्निस का फ्रंट साइड से क्रैश टेस्ट)

भारत में बनी कारें कितनी सुरक्षित हैं इसके लिए देश में भारत न्यू व्हीकल सेफ्टी एसेसमेंट प्रोग्राम (बीएनएसएपी) लागू होगा. इस प्रोग्राम के तहत अक्टूबर 2017 से हर नई कार का क्रैश टेस्ट कर रेटिंग दी जाएगी.

मारूति की बात करें तो पहले सेफ्टी के मामले में कंपनी का प्रदर्शन काफी पिछड़ा हुआ था, लेकिन इग्निस, बलेनो और विटारा ब्रेज़ा जल्द लागू होने वाले सुरक्षा मानकों के अनुरुप बनी कारें हैं. इन के अलावा सियाज़ और अर्टिगा में भी बॉडी स्ट्रक्चर सिक्योरिटी को बढ़ाया गया है.

Source: – Car Dekho

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