नई दिल्ली. डॉ होमी जहांगीर भाभा, विक्रम साराभाई, सुभाष चंद्र बोस और लाल बहादुर शास्त्री भारतीय इतिहास में चार ऐसे नाम हैं जिन्हें भारतीय नायकों में शुमार किए बिना इतिहास खुद अधूरा रह जाता है. लेकिन इन्हीं चार नायकों की मौत जिन हालातों में हुई वह भारत के सबसे बड़े रहस्यों में शामिल है. 
 
भारतीय परमाणु अनुसंधान के जनक डॉ भाभा का 1966 में प्लेन क्रैश हुआ था. 11 जनवरी 1966 को लाल बहादुर शास्त्री की तत्कालीन सोवियत संघ के ताशकंद में रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वह पाकिस्तान के साथ संधि करने वहां गए थे. इस मामले में वहां उनकी सेवा में लगाए गए एक बावर्ची को हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया. 31 दिसंबर 1971 में विक्रम साराभाई भी ऐसे ही संदिग्ध परिस्थितियों के शिकार हुए. साराभाई केवलम बीच पर एक रिसोर्ट में मृत पाए गए. एक शोध के मुताबिक पिछले 5 सालों में करीब 10 महत्वपूर्ण पदों पर काम कर रहे वैज्ञानिक और इंजीनियर की संदिग्ध परस्थितियों में मौत हुई है. ऐसी ही रहस्मयी मौतों की पड़ताल इकार रहा है आज का अर्ध सत्य..

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