नई दिल्ली. साल 2012 में महामंडलेश्वर के रुप में नियुक्त हुई राधे मां इन दिनों विवादों में घिरी है. विवाद उनके कार्यों को लेकर हो रहा है. उनपर मुंबई के बोरिवली में रहने वाली एक महिला का आरोप है कि राधे मां ने उस पर जुल्म ढाए और ससुराल वालों को भी जुल्म के लिए उकसाया.

उन्होंने महिला को मानसिक रुप से प्रताड़ना दी. इंडिया न्यूज के मैनेजिंग एडिटर राणा यशवंत से बात करते हुए महिला ने बताया कि राधे मां ने उसपर लात, घूसे और त्रिशूल से वार किया. यही नहीं उनके ससुराल वालों को भी ऐसा करने के लिए उकसाया जिससे वह परेशान हैं. अब राधे मां से जुड़े कई फोटो और वीडियो सामने आए, जिसमें राधे मां की अश्लीलता दिखी है.

दूसरी तरफ ऐसा ही एक और मामला सच्चिदानंद गिरी से जुड़ा है जिन्हें हाल ही में अखाड़ा परिषद ने महामंडलेश्वर की पदवी दी थी. इनका डिस्को, बीयर बार और रियल स्टेट चलाने को लेकर विवाद था. सच्चिदानंद गिरि का मूल नाम सचिन दत्ता है और वे गाजियाबाद के रहने वाले हैं. महामंडलेश्वर बनने से पहले वे बीयर बार और डिस्को संभालते थे. अब उन्होंने महामंडलेश्वर पद छोड़ दिया है.

इन्हीं घटनाओं पर स्पेशल रिपोर्ट पेश करते हुए राणा यशवंत कहते हैं कि हमें यह सोचना होगा कि कैसे अब राज सत्ता की तरह धर्म सत्ता भी पैसे की चपेट में आ गया है? राज सत्ता तो फिर भी सुधार की गुंजाइश रखता है लेकिन धर्म सत्ता में वह भी नहीं है. ऐसे में जरुरी है कि हम धर्म की आड़ में होने वाले कारनामों को तर्क और बुद्धि से समझें.

देखिए, राणा यशवंत के साथ पूरा शो:

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