नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश में नया शासन, नए मुख्यमंत्री हैं, नई तरह की राजनीति पैदा करने की कोशिश है, शासन की संस्कृति पैदा करने की कोशिश है. इस कोशिश में वो आदमी है जिसकी छवि उसके ओहदे से टकरा रही है. 
 
एक तरफ गोरखपुर मंदिर के महंत आदित्यनाथ हैं और दूसरी तरफ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. इन दोनों के बीच बड़ी टकराहट है. योगी आदित्यनाथ की मुख्यमंत्री बनने तक की छवि उनकी यूपी के मुख्यमंत्री बनने की शर्तों और मर्यादाओं के खिलाफ थी. इसलिए आशंकाओं और सवालों के बीच योगी की ताजपोशी की गई. 
 
इसके बाद जिस तरह की व्यवस्था, संकल्प, भरोसा और जिस तरह के सियासी तेवर योगी आदित्यनाथ ने पैदा करने की उससे यूपी में बेहतरी की एक नई उम्मीद पैदा हुई है. योगी बार-बार ऐसी आबोहवा पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. 
 
अब सवाल ये है कि योगी ने सिर्फ दो हफ्ते में ऐसा क्या कर दिया जिससे 22 करोड़ की आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में भरोसा पैदा हो? उस यूपी में जहां कदम-कदम पर भाषा-पानी बदलने के साथ चुनौतियां भी बदल जाती हैं. साथ ही क्या योगी की हनक कुछ समय के लिए या पूरा बदलाव होगा? इन सवालों के जवाब जानने के लिए देखिए इंडिया न्यूज का खास शो ‘अर्ध सत्य’. वीडियो में देखें पूरा शो.