श्रीनगर: कश्मीर में अक्सर पाकिस्तान के साथ-साथ आतंकवादी संगठन आईएसआई का भी झंडा लहराया जाता है. पाकिस्तान और आईएसआई के हक में नारे भी लगाये जाते हैं. सेना जब आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन शुरू करती है, उसी दौरान यहां के कुछ लोग सेना के खिलाफ ही मोर्चाबंदी शुरू कर देती है. 
 
 
सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत ने कहा है कि हम उन स्थानीय लोगों से गुजारिश करते हैं, जिन लोगों ने हथियार उठाए हैं. और अगर वो इस आतंकी गतिविधियों को जारी रखना चाहते हैं. पाकिस्तान औऱ आईएसआईएस का झंडा दिखाएंगे तो उनसे राष्ट्रद्रोहियों की तरह बर्ताव किया जाएगा. सेना के इस बयान को लेकर पूरे देश में राजनीति गरमाई हुई है. कांग्रेस, नेशनल कॉफ्रेंस के साथ-साथ दूसरे भी ऐसे दल हैं जिन्होंने सेना प्रमुख के इस बयान का विरोध किया है.
 
 
कश्मीर का हर हिस्सा हिंदूस्तान के किसी न किसी हिस्से से जुड़ा हुआ है. किसी का लड़का बंबई में काम करता है तो किसी कि दुकान का सामन दिल्ली से या पंजाब से आता है. यहां के लोगों की रोज की रोटी यहां के हालातों पर निर्भर करती है. अगर कश्मीर में अमन है तो इन लोगों को रोज का रोजगार मिल जाएगा और अगर यहां हालात ठीक नहीं है तो यहां के स्थानियों को रोटी भी बड़ी मुश्किल से हो पाती है.
 
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