मुंबई. महाराष्ट्र के अहमदनगर में शनि शिंगणापुर में महिलाओ के जाने पर रोक को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. करीब 400 साल से चली आ रही परंपरा के मुताबिक इस मंदिर में महिलाओं को शनि देवता की प्रतिष्ठा के पास जाने की अनुमति नहीं है.  
 
मामलें में गरमा गरमी तब बढ़ी जब एक महिला ने चबूतरे पर जा कर शनि देव की मूर्ति पर तेल अर्पित कर दिया जिसके बाद यह मामला राजनीतिक तूल पकड़ता गया.
 
भूमाता ब्रिगेड की महिलाओं ने किया प्रदर्शन
 
महिलाओं पर लगे प्रतिबंध से देशभर में बहस छिड़ गई है जिसका खुले में विरोध किया जा रहा है. महिलाओं का संगठन भूमाता ब्रिगेड इस परंपरा का विरोध कर रहा है.
 
नंवबर से चल रहे विरोध में लगभग 500 महिला प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया था क्योंकि इन महिला कार्यकर्ताओं की योजना थी कि वे मंदिर के सबसे भीतरी हिस्से में जबर्दस्ती प्रवेश कर सकें. मंदिर के इस हिस्से में एक खुले जगह पर भगवान शनि के प्रतीक रूप में पवित्र माने जाने वाले काले रंग के एक पत्थर को प्रतिष्ठापित किया गया है.
 
मंदिर में प्रवेश के नियमों में बदलाव की मुहिम का नेतृत्व कर रहीं कार्यकर्ता तृप्ति देसाई का कहना है, “जब पुरुष वहां जाते हैं, तो सब ठीक है, लेकिन महिलाओं के जाने से  मंदिर अपवित्र हो जाता है…?”
 
शनि देव के मंदिर में प्रवेश करने को लेकर कई ऐसी बातें है जो सामने नहीं आई हैं. इंडिया न्यूज के खास शो ‘अर्ध सत्य’ में शनि देव मंदिर पर चल रही बहस और राजनीति के कई अहम बिंदुओं को जानिए मैनेजिंग एडिटर राणा यशवंत की जुबानी.
 
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