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Gujarat: निवेश के लिए गुजरात बना देश का नंबर-1 राज्य, नीति आयोग के ‘इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स 2026’ में हासिल किए इतने अंक

Gujarat News: इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स 2026 में गुजरात ने भारत के प्रमुख राज्यों में पहला स्थान हासिल किया है. इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स में निवेश चक्र के हर चरण का मूल्यांकन किया गया है. इसके तहत नीति, प्रशासन, बुनियादी ढांचे, व्यापार सुविधा और वित्तीय प्रबंधन सहित आठ प्रमुख स्तंभों के अंतर्गत 84 मानकों को शामिल किया गया है.

By: Hasnain Alam | Published: July 19, 2026 11:03:42 PM IST



Gujarat News: नीति आयोग के पहले इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स 2026 में गुजरात ने भारत के प्रमुख राज्यों में पहला स्थान हासिल किया है. इसके साथ ही गुजरात ने देश के सबसे पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में अपनी स्थिति को फिर से मजबूत किया है. 17 प्रमुख राज्यों के मूल्यांकन में गुजरात ने 56.6 अंक प्राप्त किए, जबकि महाराष्ट्र को 53.7 और तमिलनाडु को 53.3 अंक मिले.

यह रैंकिंग मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा पारदर्शी, कुशल और निवेशक-अनुकूल कारोबारी माहौल बनाने की दिशा में किए गए निरंतर प्रयासों को दर्शाती है. इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स में निवेश चक्र के हर चरण का मूल्यांकन किया गया है. इसके तहत नीति, प्रशासन, बुनियादी ढांचे, व्यापार सुविधा और वित्तीय प्रबंधन सहित आठ प्रमुख स्तंभों के अंतर्गत 84 मानकों को शामिल किया गया है.

तेज एनओसी-स्थिर श्रम वातावरण ने जीता निवेशकों का भरोसा

रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात की नीति-स्थिरता और निवेशक-केंद्रित प्रशासन राज्य की सबसे बड़ी ताकतों में से हैं. इंडस्ट्रियल एक्सटेंशन ब्यूरो (iNDEXTb) अपनी सिंगल-विंडो प्रणाली के माध्यम से निवेशकों को शुरू से अंत तक सभी सुविधाएं प्रदान करता है, जिससे उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया तेज, सरल और अधिक पारदर्शी बनती है.

राज्य ने कानूनी मंजूरियों और अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के लिए समयबद्ध व्यवस्था बनाई है, जिससे परियोजनाओं को प्रस्ताव से क्रियान्वयन तक पहुंचने में कम समय लगता है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आवश्यक सेवाओं में हड़तालों पर नियंत्रण से औद्योगिक शांति बनी हुई है. इससे श्रमिक व्यवधान लगभग नगण्य रहे हैं और उद्योगों को स्थिर एवं अनुमानित कारोबारी वातावरण मिला है.

नीति आयोग

विश्वस्तरीय औद्योगिक ढांचा और ‘वाइब्रेंट गुजरात’ से बढ़ा निवेश आकर्षण

रिपोर्ट के मुताबिक, गुजरात का विश्वस्तरीय औद्योगिक बुनियादी ढांचा उसकी सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धी ताकतों में शामिल है. धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (SIR), गिफ्ट सिटी, साणंद, दहेज, झगड़िया और सायखा जैसे औद्योगिक केंद्र अत्याधुनिक ‘प्लग-एंड-प्ले’ सुविधाएं प्रदान करते हैं. 

इन सुविधाओं के कारण उद्योगों को तेजी से और प्रभावी ढंग से स्थापित करने में मदद मिली है. इससे नई परियोजनाओं को शुरू करने में लगने वाला समय और लागत दोनों कम हुए हैं.

रिपोर्ट में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट की भी सराहना की गई है, जिसने लगातार देश और विदेश से बड़े निवेश आकर्षित किए हैं और गुजरात को वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में स्थापित किया है.

लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी में भी गुजरात आगे

गुजरात भारत के कुल राज्य राजमार्ग नेटवर्क का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा रखता है, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग चार गुना अधिक है. राज्य में देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे नेटवर्क है, जिसकी कुल लंबाई 635 किलोमीटर है.

इसके अलावा, भारत के रेलवे नेटवर्क का लगभग 7 प्रतिशत हिस्सा गुजरात से होकर गुजरता है. बेहतर लॉजिस्टिक्स और कम परिवहन समय ने आपूर्ति श्रृंखला की प्रतिस्पर्धात्मकता को और मजबूत किया है.

सस्ती बिजली और विश्वसनीय आपूर्ति से उद्योगों को फायदा

रिपोर्ट में गुजरात के बिजली क्षेत्र को भी औद्योगिक विकास की बड़ी ताकत बताया गया है. राज्य में औद्योगिक उपभोक्ताओं को मिलने वाली बिजली दरें राष्ट्रीय औसत से लगभग 29 प्रतिशत कम हैं.

गुजरात में उद्योगों को प्रतिदिन औसतन 23.8 घंटे बिजली आपूर्ति मिलती है, जो प्रमुख राज्यों के औसत से अधिक है. इससे उद्योगों की लागत कम हुई है और उत्पादकता बढ़ी है.

निर्यात, एमएसएमई और वित्तीय अनुशासन ने मजबूत किया निवेश

गुजरात देश के कुल माल निर्यात में 31 प्रतिशत योगदान देता है. वित्त वर्ष 2019–24 के दौरान राज्य ने सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) वृद्धि के मामले में तीसरा स्थान हासिल किया. राज्य की प्रति व्यक्ति जीएसडीपी 2,64,232 रुपये है, जो प्रमुख राज्यों के औसत से लगभग 67 प्रतिशत अधिक है.

रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात देश के सबसे मजबूत एमएसएमई नेटवर्क वाले राज्यों में से एक है. माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज (एमएसई) की मजबूत मौजूदगी ने औद्योगिक विकास को स्थिर आधार प्रदान किया है.

वित्त वर्ष 2024 में गुजरात का राजकोषीय घाटा केवल 2.81 प्रतिशत रहा, जो देश के सभी राज्यों में सबसे कम है. राज्य की कुल देनदारियां जीएसडीपी के लगभग 18 प्रतिशत हैं, जो प्रमुख राज्यों के औसत से करीब 40 प्रतिशत कम हैं.

614 अटल टिंकरिंग लैब्स से मजबूत हो रहा नवाचार तंत्र

नीति आयोग ने गुजरात के बढ़ते नवाचार तंत्र की भी सराहना की है. वित्त वर्ष 2025 तक राज्य में 614 अटल टिंकरिंग लैब्स (ATL) स्थापित की जा चुकी हैं. प्रति एक लाख आबादी पर 1.24 ATL के साथ गुजरात प्रमुख राज्यों के औसत से लगभग 19 प्रतिशत बेहतर प्रदर्शन कर रहा है. इससे नवाचार, उद्यमिता और नई तकनीकों को बढ़ावा मिल रहा है.

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