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Odisha Weather: 3 जुलाई तक बंगाल की खाड़ी में बनेगा लो प्रेशर, ओडिशा में सात दिन तक भारी बारिश के आसार, अलर्ट जारी

Odisha Weather Report: मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में उत्तर बंगाल की खाड़ी और दक्षिण बांग्लादेश से लगे क्षेत्र में 1.5 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है. यह प्रणाली दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर झुकी हुई है.

By: Hasnain Alam | Last Updated: June 30, 2026 4:31:44 PM IST



Odisha Weather News: ओडिशा में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय होने जा रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के भुवनेश्वर मौसम केंद्र ने संकेत दिया है कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे क्षेत्रों में 3 जुलाई के आसपास निम्न दबाव (लो प्रेशर एरिया) बनने की संभावना है. इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से राज्य के अधिकांश जिलों में अगले एक सप्ताह तक व्यापक वर्षा होने की संभावना है. कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है.

मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में उत्तर बंगाल की खाड़ी और दक्षिण बांग्लादेश से लगे क्षेत्र में 1.5 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है. यह प्रणाली दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर झुकी हुई है. इसके अलावा, उत्तर ओडिशा के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण इसी प्रणाली में विलय हो चुका है. वहीं समुद्र तल पर मौसमी द्रोणिका पंजाब से उत्तर बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है. इन सभी मौसमी परिस्थितियों के कारण अगले कुछ दिनों में वर्षा की तीव्रता बढ़ने की संभावना है.

पिछले 24 घंटे में कई जिलों में भारी बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि मयूरभंज, ढेंकानाल, अंगुल, जगतसिंहपुर, जाजपुर, क्योंझर, कटक और देवगढ़ के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी वर्षा हुई.

सबसे अधिक वर्षा मयूरभंज जिले के बारिपदा, चांदुआ कुलियाना, सुलियापदा और समाखुंटा में 13 सेंटीमीटर दर्ज की गई. ढेंकानाल के गोंदिया और कंकड़ाहाड़ में 11 सेंटीमीटर, अंगुल के छेंदीपदा, जगतसिंहपुर के पारादीप, जाजपुर के सुकिंदा तथा क्योंझर के घासीपुरा में 9 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई.

अगले सात दिनों का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार 30 जून से 6 जुलाई तक राज्य के लगभग सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा होगी.

* 30 जून: क्योंझर और मयूरभंज में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना. भद्रक, जाजपुर, केंद्रापड़ा, जगतसिंहपुर, कटक, अंगुल, ढेंकानाल, रायगढ़ा और कोरापुट में भारी बारिश का येलो अलर्ट.
* 1 जुलाई: सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा और संबलपुर के लिए ऑरेंज अलर्ट. कई अन्य जिलों में भारी बारिश की संभावना.
* 2 जुलाई: क्योंझर में भारी से बहुत भारी वर्षा, जबकि संबलपुर, देवगढ़, झारसुगुड़ा और मयूरभंज में भारी बारिश का अनुमान.
* 3 जुलाई: संभावित लो प्रेशर बनने के साथ क्योंझर और मयूरभंज में फिर भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट. तटीय जिलों में भी भारी वर्षा की चेतावनी.
* 4 जुलाई: सुंदरगढ़, संबलपुर और क्योंझर में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना.
* 5 जुलाई: जाजपुर, ढेंकानाल और क्योंझर में भारी से बहुत भारी वर्षा का येलो अलर्ट.
* 6 जुलाई: बरगढ़, संबलपुर और अंगुल में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका.

भुवनेश्वर का मौसम

राजधानी भुवनेश्वर में अगले 24 घंटों के दौरान आसमान सामान्यतः बादलों से ढका रहेगा. हल्की बारिश की संभावना है. अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है.

लोगों के लिए चेतावनी

मौसम विभाग ने लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, शहरी क्षेत्रों में यातायात बाधित होने, दृश्यता कम होने और कच्ची सड़कों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई है. पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन तथा कुछ नदी जलग्रहण क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने की भी संभावना है. लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है.

मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी

30 जून से 2 जुलाई तक समुद्र सामान्य रहने की संभावना है. हालांकि 3 और 4 जुलाई को ओडिशा तट पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. इस दौरान समुद्र उग्र से अति उग्र रहेगा. मौसम विभाग ने मछुआरों को इन दोनों दिनों में समुद्र में नहीं जाने की सख्त सलाह दी है.

किसानों के लिए सलाह

अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश जिलों में वर्षा होने की संभावना को देखते हुए किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने, फसलों में जलभराव से बचाव करने तथा मौसम विभाग की सलाह के अनुसार कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है.

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि प्रस्तावित निम्न दबाव क्षेत्र निर्धारित समय पर विकसित होता है, तो ओडिशा में वर्षा की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं. ऐसे में प्रशासन और आम लोगों को अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहने की आवश्यकता है.

अक्षय महाराणा की रिपोर्ट

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