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Odisha: प्रसव पीड़ा से तड़पती गर्भवती को 2 किमी तक कंधों पर ढोया, गांव तक नहीं पहुंच सकी एंबुलेंस, लोगों का बड़ा आरोप

Kalahandi News: गर्भवती महिला की पहचान रंजीता माझी के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर रात उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हुई. परिवार ने तत्काल जननी एक्सप्रेस एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन खराब सड़क और कीचड़ से भरे रास्ते के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाई.

By: Hasnain Alam | Published: July 19, 2026 11:35:23 PM IST



Odisha News: ओडिशा के कालाहांडी जिले से एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बदहाल सड़क व्यवस्था की तस्वीर सामने आई है. थुआमूल रामपुर ब्लॉक के घुटीगुड़ा गांव में प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को करीब दो किलोमीटर तक स्ट्रेचर पर उठाकर ले जाना पड़ा. कारण यह रहा कि गांव तक जाने वाली कच्ची और कीचड़ भरी सड़क के चलते सरकारी एंबुलेंस वहां तक नहीं पहुंच सकी.

गर्भवती महिला की पहचान रंजीता माझी के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर रात उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हुई. परिवार ने तत्काल जननी एक्सप्रेस एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन खराब सड़क और कीचड़ से भरे रास्ते के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाई.

गांव तक नहीं पहुंच सका ऑटो

पूरी रात मदद का इंतजार करने के बाद शनिवार सुबह परिजनों ने निजी ऑटो की व्यवस्था की. हालांकि, ऑटो भी गांव तक नहीं पहुंच सका. ऐसे में ग्रामीणों ने एक अस्थायी स्ट्रेचर तैयार किया और रंजीता माझी को उस पर लिटाकर करीब दो किलोमीटर तक कंधों पर उठाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया. वहां से उन्हें निजी ऑटो के जरिए थुआमूल रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया.

घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी है. उनका कहना है कि गांव तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण हर बारिश में हालात और बदतर हो जाते हैं. इससे मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचाने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.

लोगों ने क्या लगाया आरोप?

ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार सड़क निर्माण की मांग करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क का निर्माण नहीं हुआ तो भविष्य में ऐसे हादसे किसी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकते हैं.

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गांव तक हर मौसम में आवागमन योग्य सड़क बनाने और दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की मांग की है, ताकि किसी भी मरीज को इलाज के लिए इस तरह की कठिन परिस्थितियों से न गुजरना पड़े.

(ओडिशा से अक्षय महाराणा की रिपोर्ट)

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