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Odisha: पहले किया अभद्र व्यवहार, फिर घर में घुसकर नाबालिग लड़की को… अब कोर्ट ने आरोपियों को सुनाई ये सजा

Odisha Crime: पीड़िता के पिता की शिकायत के आधार पर नरला थाने में हत्या के प्रयास, घर में घुसने, धमकी देने, महिला की गरिमा भंग करने और पॉक्सो अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया. बाद में 14 जनवरी 2017 को मामले की जांच ओडिशा क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई थी.

By: Hasnain Alam | Published: July 7, 2026 10:17:15 PM IST



Odisha News: ओडिशा में करीब नौ वर्ष पुराने नाबालिग लड़की की जिंदा जलाकर हत्या के चर्चित मामले में विशेष अदालत ने मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इस मामले की जांच ओडिशा क्राइम ब्रांच (CID-CB) ने की थी. अदालत ने आरोपी पर जुर्माना भी लगाया है और पीड़िता के माता-पिता को मुआवजा देने का निर्देश दिया है.

यह मामला वर्ष 2017 में कालाहांडी जिले के नरला थाना क्षेत्र का है. जांच के अनुसार, 11 जनवरी 2017 को 15 वर्षीय किशोरी के साथ मुख्य आरोपी तुमेश्वर दास उर्फ बुलू और कानून से संघर्षरत एक किशोर (CCL) ने कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया था. जब पीड़िता के परिजनों ने इसका विरोध किया, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई.

मिट्टी का तेल डालकर लगा दी थी आग

उसी दिन शाम करीब छह बजे, आरोप है कि दोनों आरोपी पीड़िता के माता-पिता की गैरमौजूदगी में उसके घर में घुस गए. वहां उन्होंने किशोरी का मुंह बंद कर उस पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी. गंभीर रूप से झुलसी पीड़िता को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. घटना के बाद परिवार को गांव छोड़ने की धमकी दिए जाने का भी आरोप सामने आया.

पीड़िता के पिता की शिकायत के आधार पर नरला थाने में हत्या के प्रयास, घर में घुसने, धमकी देने, महिला की गरिमा भंग करने और पॉक्सो अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया. बाद में 14 जनवरी 2017 को मामले की जांच ओडिशा क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई.

छह लोगों के खिलाफ दाखिल हुआ था आरोपपत्र

क्राइम ब्रांच ने विस्तृत जांच के दौरान घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए, गवाहों के बयान दर्ज किए और वैज्ञानिक तरीकों से मामले की पड़ताल की. जांच पूरी होने के बाद मुख्य आरोपी, कानून से संघर्षरत किशोर सहित कुल छह लोगों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया.

सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को महत्वपूर्ण मानते हुए मुख्य आरोपी तुमेश्वर दास उर्फ बुलू को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी करार दिया.

घर में घुसने की सजा अलग से सुनाई गई

अदालत ने उसे आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई. इसके साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त एक वर्ष का कठोर कारावास भुगतना होगा. इसके अलावा घर में अवैध रूप से प्रवेश करने के अपराध में भी अलग से सजा सुनाई गई है. अदालत ने कुल 1.10 लाख रुपये की राशि पीड़िता के माता-पिता को मुआवजे के रूप में देने का निर्देश भी दिया है.

ओडिशा क्राइम ब्रांच ने इस फैसले को निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच का परिणाम बताया है. एजेंसी का कहना है कि इस निर्णय से महिलाओं और बच्चों के खिलाफ जघन्य अपराध करने वालों को कड़ा संदेश जाएगा कि ऐसे मामलों में कानून सख्ती से कार्रवाई करेगा और दोषियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत दंडित किया जाएगा.

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