काठमांडू. चार मधेसी पार्टियों को मिलाकर बने मधेसी मोर्चे और सरकार के बीच संविधान संशोधन पर वार्ता असफल रहने के बाद नेपाल में फिर हिंसा भड़क उठी है. नेपाल-भारत सीमा पर स्थित मोरंग जिले के काटाहारी में मधेसी मोर्चे के कार्यकर्ताओं ने एक एंबुलेंस में तोड़फोड़ की है.

दवा से भरे ट्रकों में लगाई आग

इतना ही नहीं बीरगंज के परसा जिले में भी मधेसी कार्यकर्ताओं ने दवाओं से भरे कई ट्रकों पर पेट्रोल बम फेंक कर आग लगा दी. ट्रक में जीवन रक्षक दवाएं थीं. ट्रक चालक का कहना है कि इन ट्रकों पर ‘जरूरी दवा’ का बैनर लगा हुआ था, इसके बावजूद ट्रकों को फूंक दिया गया.

वहीं मोरंग जिले की पुलिस का कहना है कि रंगेली से बिराटनगर जा रही एक एंबुलेंस पर भी पत्थर फेंके गए है. एंबुलेंस में एक मां अपने बीमार बच्चे के साथ थी. जिसके बाद महिला गंभीर रूप से घायल हो गई है.

पूर्व पीएम के घर भी तोड़फोड़

मधेसी कार्यकर्ताओं ने रौथाट में पूर्व प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल के घर पर भी तोड़फोड़ की है. उन्होंने तरारी क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया.

क्यों कर रहे हैं आंदोलन ?

मधेसी समुदाय नेपाल के नए संविधान से नाखुश है और इसमें बदलाव की मांग कर रहे है. उसका कहना है कि इसमें उन्हें पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है और न ही उनके इलाकों का सीमांकन सही तरीके से किया गया है.

नेपाल में दवाओं की भीषण कमी

आंदोलन की वजह से भारत से जरूरी वस्तुएं नेपाल नहीं जा पा रही हैं. देश में दवाओं की भीषण कमी पैदा हो गई है. गुरुवार को मधेसी मोर्चा ने तय किया था कि पूर्वी बिराटनगर से दवाओं से लदे वाहनों को दिन के समय नेपाल में आने दिया जाएगा.