अंताल्या. पेरिस में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी-20 शिखर सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ दुनिया को साथ मिलकर लड़ने की सलाह दी है. जी-20 सम्मलेन में आतंकावाद के आलावा जलवायु परिवर्तन ही मुख्य मुद्दा रहा. 
 
क्या बोले मोदी
तुर्की में चल रहे दुनिया की शीर्ष 20 अर्थव्यवस्थओं के नेताओं के जी-20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारी बैठक आतंकवाद के खौफनाक साये में हो रही है, इसका मुकाबला करना जी-20 की निश्चित तौर पर बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए. 
इसके साथ ही उन्होंने जलवायु परिवर्तन से मुकाबले के लिए 7 सूत्री एजेंडा का प्रस्ताव किया, विदेश से धन भेजने की लागत कम किए जाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा, हमें ‘कार्बन क्रेडिट’ से ‘ग्रीन क्रेडिट’ की ओर जाने की जरूरत है, हमें न केवल ईंधन की खपत घटानी होगी, बल्कि अपनी जीवनशैली में भी बदलाव लाना होगा.
 
ब्रिक्स की बैठक में क्या बात हुई
इस सम्मेलन से इतर ब्रिक्स देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि पेरिस में आतंक की भयावह घटना की हम एकस्वर से कड़े शब्दों में निंदा करते हैं. आतंकवाद से मुकाबले के लिए संयुक्त वैश्विक कोशिश की जरूरत है. इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब भारत फरवरी 2016 से ब्रिक्स की अध्यक्षता का दायित्व लेगा, तब इसका ध्येय जवाबदेह, समावेशी और समग्र समाधान निकालने पर होगा. 
 
G-20 में क्या बोले ओबामा
दो-दिवसीय शिखर बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पेरिस हमले के संदर्भ में कहा, ‘तोड़ मरोड़ कर व्याख्या की गई विचारधाराओं के आधार पर निर्दोष लोगों की हत्या करना न केवल फ्रांस पर हमला है, न केवल तुर्की पर हमला है, बल्कि यह सभ्य समाज पर हमला है.’ उन्होंने जिहादी ISIS के नेटवर्क को धवस्त करने के प्रयासों को दोगुना करने का संकल्प लिया, साथ ही पेरिस हमलावरों को पकड़ने में फ्रांस की मदद करने का भी भरोसा दिया. संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की-मून ने कहा है कि वह जल्द ही संयुक्त राष्ट्र महासभा को आतंकवाद तथा उग्रवाद से निपटने के लिए एक व्यापक योजना सौंपेंगे. 
 
किन मुद्दों पर किया जाएगा काम
जी20 शिखर सम्मेलन में जहां मुख्य रूप से समावेशी आर्थिक विकास और जलवायु परिवर्तन के विषयों पर चर्चा अपेक्षित है, वहीं अब सोमवार को दो दिवसीय सम्मेलन के समापन में एक प्रस्ताव पारित किया जा सकता है, जिसमें आतंकवाद के लिए मददगार हालात पर ध्यान देकर अधिक व्यापक रुख अपनाने और इसकी आर्थिक सहायता की कड़ी को समाप्त करने के संबंध में बेहतर समन्वय और सूचनाओं के आदान-प्रदान की बात कही जाएगी.
 
अधिकारियों ने कहा कि आतंकवाद पर यह विशेष प्रस्ताव शिखर सम्मेलन की मुख्य घोषणा से अलग हो सकता है. घोषणा में ‘फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स’ को तेजी से लागू करने की बात हो सकती है जिसमें लोगों द्वारा इस्लामिक स्टेट जैसे संगठनों को धन भेजने से रोकना शामिल है. आतंकवाद में प्रौद्योगिकी, संचार का इस्तेमाल होने और इंटरनेट समेत अनेक माध्यमों से आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले संसाधनों के उपयोग से आतंकवादियों को दूर करने की भी योजना है.