जोहांसबर्ग. दक्षिण अफ्रीका 1960 के दशक के बाद के सबसे भीषण सूखे की मार झेल रहा है. देश के जल संबंधी मामलों की मंत्री नोमवुला मोकोनयाने ने यह जानकारी दी है. दक्षिण अफ्रीका की सरकार ने देश के कई हिस्सों में पड़े सूखे से निपटने के लिए 2 करोड़ 60 लाख डालर देने का फैसला किया है.
 
देश के कई हिस्सों में पानी का संकट बना हुआ है. फ्री स्टेट और क्वाजुलु-नटाल प्रांत को ‘आपदा क्षेत्र’ घोषित कर दिया गया है. यहां पानी के टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है.
 
मोकोनयाने ने बताया कि देश में कई छोटे बांध सूख गए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार सूखा प्रभावित गांवों में पानी पहुंचाएगी. उन्होंने कहा कि पानी का इस्तेमाल बहुत समझदारी से करना होगा. देश में पानी की आपूर्ति करने वाले रैंड वाटर ने कहा है कि अगर जल्द ही बारिश नहीं हुई तो गॉटेंग प्रांत में ‘पानी पर कुछ रोक’ लगानी पड़ेगी. दक्षिण अफ्रीका के लगभग 20 लाख 70 हजार घरों में पानी का संकट बना हुआ है.
 
दक्षिण अफ्रीका के एग्रीकल्चर बिजनेस चैंबर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेम्स परचेज ने बताया कि सूखे की वजह से फसलों पर बेहद बुरा असर पड़ा है. उन्होंने कहा कि संकट से निपटने के लिए देश को खाद्य सामग्री आयात करनी ही पड़ेगी.
 
विश्व खाद्य कार्यक्रम ने कहा है कि अन्य दक्षिण अफ्रीकी देशों जिंबाब्वे, मालावी, मैडागास्कर और लेसेथो में भी फसल के उत्पादन में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है. मौसम विभाग का कहना है कि बारिश के अगले मौसम में भी हालात बेहतर होने की बहुत उम्मीद नजर नहीं आ रही है.
 
IANS