बीजिंग. नौजवानों की गिरती और बुजुर्गों की बढ़ती संख्या से परेशान चीन ने 36 पुरानी ‘एक बच्चा नीति’ को खत्म करके अब हरेक दंपति को दो बच्चे पैदा करने की इजाजत देने का फैसला किया है. अनुमान है कि 1979 में शुरू हुई एक बच्चा नीति के कारण पिछले चार दशक में चीन में 40 करोड़ बच्चे पैदा होने से रोके गए.
 
चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की सेंट्रल कमिटी की चार दिन चली बैठक में ये फैसला लिया गया है जिसका लक्ष्य हर साल 20 लाख बच्चे पैदा करना है. चीन में बुजुर्गों का अनुपात काफी बढ़ गया है जिस वजह से चीन में काम करने वाले लोगों की कमी हो रही है. चार दिन चली बैठक में 2016 से 2020 तक के लिए चीन की पंचवर्षीय योजना की रूपरेखा तय की गई. यह फैसला चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के उस ब्लूप्रिंट का हिस्सा है जिसके जरिए वो चीन की अर्थव्यवस्था को संतुलित विकास के रास्ते पर ले जाना चाहते हैं. 
 
 
2013 से एक बच्चे वाली नीति में ढिलाई की शुरुआत
 
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ से जारी खबरों के मुताबिक 2013 में चीन के एक बच्चे की नीति में ढील की शुरुआत हुई थी जब कुछ इलाकों में और कुछ समुदाय को दो बच्चे पैदा करने की इजाजत दी गई थी. उन परिवारों को भी दूसरे बच्चे की इजाजत दी गई जिन दंपति में पति या पत्नी अपने मां-बाप के एक इकलौता बच्चे रहे हों. 
 
2013 में एक बच्चा पैदा करने की नीति को उदार बनाने के बावजूद हर साल 20 लाख बच्चे पैदा न होता देख चीन ने अब पूरे देश में दो बच्चे पैदा करने की इजाजत देने का फैसला किया है. नीति चीन में बुजुर्ग लोगों की आबादी काफी बढ़ गई है और लोग कहने लगे हैं कि चीन अमीर बनने से पहले बूढ़ा हो जाएगा. आबादी में महिला और पुरुष के बिगड़ते अनुपात को भी संभालना इस नई नीति का लक्ष्य है.
 
दूसरा बच्चा पैदा करने पर नौकरी तक चली जाती थी
 
चीन में एक बच्चा पैदा करने की नीति का उल्लंघन करने पर दंपति को कई तरह की सजा दी जाती थी. कुछ को जुर्माना लगाकर छोड़ दिया जाता था तो कुछ के बच्चे का जबरन गर्भपात करा दिया जाता था. कई बार लोगों की नौकरी छीन ली जाती थी.
 
2013 में जब सरकार ने कुछ शर्तें पूरी करने वालों को दूसरा बच्चा पैदा करने की इजाजत दी तब भी इसके बेहतर नतीजे नहीं आए क्योंकि चीन में महंगाई के कारण बच्चों की परवरिश भी एक बड़ी चिंता है. 2013 में नई नीति सामने आने के बाद मई, 2015 तक करीब डेढ़ करोड़ लोगों ने दूसरे बच्चे को पैदा करने की इजाजत मांगी थी लेकिन उनमें महज 12 फीसदी लोग ही उन शर्तों को पूरा कर सके.