जेद्दा. सऊदी अरब किंगडम में बगावत की आग तेज़ हो गई है और मौजूदा किंग सलमान को पद से हटाने की मुहिम को उनके 11 भाइयों में 8 ने सपोर्ट कर दिया है. ऐसा हुआ तो वो दूसरे किंग होंगे जिन्हें समय से पहले हटाया जाएगा.
 
सूत्रों के मुताबिक अल्ज़ाइमर बीमारी से ग्रस्त 79 साल के किंग सलमान बिन अब्दुल अजीज को बेदखल करके उनकी जगह 73 वर्षीय प्रिंस अहमद बिन अब्दुल अजीज को नया किंग बनाने की मुहिम पर धीरे-धीरे सहमति बन रही है. प्रिंस अहमद को उदार और आधुनिक विचारों वाला माना जाता है जो देश के गृह मंत्री रह चुके हैं.
 
ब्रिटिश अख़बार इंडिपेंडेंट में छपी ख़बर के मुताबिक किंग सलमान को हटाने के लिए सऊदी अरब के मौलवियों की संस्था उलेमा का समर्थन चाहिए. सऊदी अरब की व्यवस्था में उलेमा को ही अधिकार है कि वो किसी को धार्मिक ताकत दे जिसके जरिए देश की राजनीतिक सत्ता मिलती है.
 
प्रिंस अहमद को किंग बनाने की मुहिम चला रहे हैं विरोधी
 
सऊदी किंगडम के संस्थापक किंग इब्न सऊद के एक पोते ने दावा किया है कि किंग सलमान को हटाकर प्रिंस अहमद की ताजपोशी की कोशिश को उलेमा में 75 फीसदी लोगों का समर्थन हासिल है. 
 
विरोधी धड़े में शामिल किंग इब्न सऊद के इस पोते का कहना है कि वो लोग चाहते हैं कि सऊदी अरब में आर्थिक, न्यायिक और राजनीतिक व्यवस्था में सुधार हो, राजनीतिक बंदियों को रिहा कर दिया जाए और देश में विचार की आजादी लाई जाए.
 
भाइयों को नहीं पसंद आ रहा किंग सलमान का रवैया 
 
किंग सलमान से बाकी भाइयों में नाराजगी की एक वजह उनका रवैया बताया जा रहा है. किंग सलमान ने अपने 30 वर्षीय बेटे मुहम्मद बिन सलमान को उप शहज़ादा बना दिया है और उन्हें रक्षा मंत्रालय दे दिया है. 
 
शहज़ादा सलमान सारे फैसले खुद लेते हैं और किसी को किंग सलमान से आसानी से मिलने तक नहीं देते. शहज़ादा सलमान ने यमन युद्ध में ईरानी समर्थिक विद्रोहियों के खिलाफ प्रॉक्सी वार शुरू कर दिया है जिससे बाकी प्रिंस नाराज़ हैं. हज़ के दौरान हुए भयंकर हादसे को लेकर भी राजपरिवार में एक बेचैनी है. 
 
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भी सऊदी अरब को चेताया है कि उसे खर्च में कटौती नहीं की तो अगले पांच साल में उसके पास पैसे की किल्लत हो सकती है क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार गिर रही हैं.
 
गद्दी ही नहीं, देश भी छोड़ना पड़ सकता है किंग सलमान को
 
कहा जा रहा है कि किंग सलमान को पद के साथ-साथ देश छोड़ने के लिए भी कहा जाएगा ताकि उनका मान-सम्मान बना रहे. वे किसी और मुल्क में रह सकेंगे जैसा 1964 में पद से हटने के बाद किंग सऊद ने किया था.
 
विद्रोही धरे का कहना है कि अगर उलेमा ने किंग सलमान को हटाने से इनकार कर दिया तो एक स्थिति ये भी हो सकती है कि प्रिंस अहमद को क्राउन प्रिंस बनाकर देश चलाने का सारा काम उनको दे दिया जाए.
 
इससे पहले भी हटाया जा चुका है एक किंग को
 
मौजूदा सऊदी किंगडम के इतिहास में इससे पहले 1964 में किंग सऊद को हटाया गया था जब उनके भाइयों और उलेमा ने उनका साथ छोड़ दिया था. 
 
किंग सऊद को हटाने में काफी साल लगे थे और इस दौरान सऊदी अरब की सेना, गृह मंत्रालय और नेशनल गार्ड के बीच टकराव की स्थिति भी पैदा हुई थी लेकिन किंग सऊद बिना खून-खराबा पद और देश छोड़ने को तैयार हो गए थे.