येरुशलम. जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल ने इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के उस बयान को खारिज कर दिया है कि तानाशाह हिटलर ने फिलीस्तीन के एक नेता के उकसावे पर यहूदियों का नरसंहार किया था. मर्केल के प्रवक्ता ने कहा कि होलोकॉस्ट के लिए उनका देश जिम्मेदार है और इसमें फिलीस्तीन को नहीं लपेटना चाहिए.
 
जर्मन चांसलर मर्केल ने नेतन्याहू के बयान को खारिज किया
जर्मनी ने नेतन्याहू के बयान को खारिज करते हुए कहा है कि इस जघन्य अपराध के लिए वास्तविक तौर पर जर्मनी अपनी ज़िम्मेदारी स्वीकार करता है. जर्मन चांसलर एंजेला मार्केल के प्रवक्ता ने कहा कि सभी जर्मन नाज़ी इतिहास की क्रूरता को जानते हैं जिसने सभ्यता के सभी मानकों को तोड़ दिया था. जर्मनी के स्कूलों में नाज़ी इतिहास के बारे में एक अच्छी सोच के साथ पढ़ाया जाता है ताकि जर्मनी में नाज़ियों के वक़्त जो कुछ भी हुआ उसे याद रखा जा सके.
 
होलोकॉस्ट का विचार नाज़ियों ने इजाद नहीं किया: नेतन्याहू
इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने 20 अक्टूबर को येरुशलम में वर्ल्ड ज़ियोनिस्ट कॉंग्रेस में कहा था कि होलोकॉस्ट का विचार नाज़ियों ने इजाद नहीं किया था बल्कि एक फिलीस्तीनी नेता ने हिटलर को इसके लिए उकसाया था. एडोल्फ़ हिटलर यहूदियों को यूरोप से सिर्फ़ बाहर निकालना चाहते थे लेकिन येरुशलम के तत्कालीन ग्रैंड मुफ़्ती हज अमीन अल-हुसैनी ने हिटलर से कहा था कि अगर तुम उन्हें निकाल दोगे, तो वो यहां फिर आ जाएंगे तो हिटलर ने पूछा तो मैं क्या करूं? इस पर हुसैनी ने कहा कि ‘जला दो उन्हें’.
 
इजरायल में बयान को लेकर आलोचना से घिरे नेतन्याहू
इजरायल में विपक्ष के नेता इसाक हर्ज़ोग ने नेतन्याहू आलोचना करते हुए कहा है कि इस बयान से होलोकॉस्ट को ख़ारिज करने वालों को खेलने का मौक़ा मिला है. उन्होंने अपने फ़ेसबुक पेज पर लिखा है कि ये ऐतिहासिक तथ्यों के साथ एक ख़तरनाक छेड़छाड़ है और नेतन्याहू को इसे तुरंत सुधारना चाहिए. हर्ज़ोग ने कहा कि ये बयान होलोकॉस्ट में नाज़ीवाद और हिटलर के रोल को कम करता है.
 
फिलीस्तीन ने भी कहा, इतिहास से ख़तरनाक छेड़छाड़
पीएलओ महासचिव साएब इराकात ने एक बयान जारी कर कहा कि ये इतिहास में एक दुखद दिन है जब इजरायली सरकार के मुखिया अपने पड़ोसी फिलीस्तीनियों से इतनी नफ़रत करते हैं कि वो 60 लाख यहूदियों की हत्या करने वाले इतिहास के सबसे कुख्यात युद्ध अपराधी एडोल्फ़ हिटलर को भी माफ़ करने को तैयार हैं.
 
कौन थे हज अमीन अल-हुसैनी?
हुसैनी एक फिलीस्तीनी राष्ट्रवादी नेता थे जिन्होंने यहूदियों और ब्रिटेन के अधिकारियों के ख़िलाफ़ 1920 और 1930 में हिंसक अभियान का नेतृत्व किया था. इसके बाद वे इलाक़े से 1937 में भाग गए थे. वे इलाक़े के यहूदी और फिलीस्तीन दो हिस्सों में विभाजन के ख़िलाफ़ थे. हुसैनी नवंबर, 1941 में बर्लिन में हिटलर से मिले थे. तत्कालीन जर्मन अख़बारों के अनुसार उन्होंने नाज़ी नेता से एक अरब देश बनाने के लिए समर्थन का ऐलान करने का आग्रह किया था.
 
क्या हुआ था होलोकॉस्ट में?
द्वितीय विश्व युद्ध के के दौरान नाजियों ने तकरीबन 60 लाख यहूदियों की हत्या कर दी थी जिनमें 15 लाख बच्चे थे. यहूदियों को जड़ से मिटाने के अपने मकसद को हिटलर ने इस तरह अंजाम दिया कि इसके बाद दुनिया की एक तिहाई यहूदी आबादी खत्म हो गई. इस नरसंहार ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया था. इस नरसंहार को होलोकॉस्ट का नाम दिया गया.