नई दिल्ली. नए संविधान बनने के बाद मधेशी समुदाय औऱ तराई क्षेत्र के लोगों के विरोध का सामना कर रहे नेपाल ने भारत की आर्थिक नाकेबंदी के बीच एलपीजी गैस चीन से आयात करने का निर्णय लिया है.
 
काठमांडू पोस्ट की खबर के अनुसार, व्यापार एवं सप्लाई मंत्रालय के सचिव नैनेंद्र प्रसाद उपाध्याय ने बताया कि भारत की आर्थिक नाकेबंदी के कारण नेपाल में एलपीजी की कमी पैदा हो गई है, इसलिए चीन से एलपीजी के आयात के बारे में निर्देश दिए गए हैं.
 
भारत जल्द करेगा चीजों की सप्लाई: कमल थापा
भारत की तीन दिवसीय यात्रा के बाद नेपाल के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री कमल थापा ने कहा कि भारत, नेपाल से आर्थिक नाकेबंदी हटाने के लिए प्रतिबद्ध है. भारत सरकार ने आश्वासन दिया है कि भारत जल्द ही नेपाल को जरुरी चीजें निर्यात करेगा. अब यह नेपाल के लिए चुनौति है कि वह कैसे सीमा क्षेत्र से इन चीजों की आयात करेगा.
 
इससे पहले नेपाल और चीन को जोड़ने वाले दो सड़क मार्ग करीब छह महीने बाद वापस खुल गए हैं. 25 अप्रैल को नेपाल में आए विनाशकारी भूंकप के बाद से नेपाल को चीन से जोड़ने वाली रउवागड़ी-केरूंग चौकी बंद थी.
 
अब इस मार्ग के खुलने से नेपाल, भारत की अपेक्षा चीन से अपनी जरुरी चीजें आयात करने के लिए निर्भर हो चुका है. वैसे नेपाल अक्सर डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस और कई अन्य जरूरी सामान के लिए भारत पर निर्भर रहा है. इस कारण खबरें थी कि नेपाल की नवनिर्वाचित सरकार मधेशी नेताओं से बातचीत के लिए राजी हो गई है. नेपाल ने मधेशी समुदाय के नेताओं को आमंत्रित किया है.
 
 
भारत-नेपाल सीमा पर मधेशियों से बने सहमति: कोईराला
नेपाली कांग्रेस और नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री सुशील कोईराला ने कहा कि नेपाल में नए संविधआन में बदलाव के लिए कांग्रेस तैयार है. मधेशियों के साथ पर कोईराला ने कहा कि बातचीत के जरिए आम सहमति बनाने की कोशिश करना चाहिए. 
 
बता दें कि पिछले महीने भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाकों में तराई थारुहट संघर्ष समिति और मधेशी समुदाय द्वारा की गई नाकाबंदी के लिए नेपाल सरकार ने भारत को जिम्मेदार ठहराते हुए यूएन में आवाज उठाई है. नेपाल सरकार के इस कदम से समिति के आंदोलनकारी दु:खी हैं.