नई दिल्ली. भारत में सऊदी अरब के राजदूत ने कहा है कि उनका देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी ‘मेक इन इंडिया’ योजना का हिस्सेदार बनने को इच्छुक है और अपने कारोबारियों को इस योजना के तहत भारत में मौकों की तलाश करने के लिए कहा है. राजदूत सऊद बिन मोहम्मद एल-साती ने कहा,’मेरा मानना है कि मेक इन इंडिया पहल बहुत उम्दा विचार है और हम अपने कारोबारियों को भारत आने और निवेश करने को उत्साहित कर रहे हैं. इस पर हमने कुछ समझौते कर रखे हैं तथा इसे और सहज एवं सुचारू बनाने के लिए वार्ता एवं प्रयास जारी हैं. सऊदी अरब में भारतीय कंपनियों की मौजूदगी सकारात्मक है. सैकड़ों भारतीय कंपनियां सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों मौजूद हैं और हम इसे और बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं और बढ़ा भी रहे हैं.’

उन्होंने यह भी कहा कि सऊदी अरब का निजी क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश कर रहा है. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, सऊदी अरब भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार है. साल 2013-14 के बीच दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 48.62 अरब डॉलर का था, जो अप्रैल-नवंबर 2014 के दौरान 49.90 अरब डॉलर तक पहुंच गया था. भारत में सऊदी अरब से कच्चे तेल का आयात द्विपक्षीय व्यापार का एक बड़ा हिस्सा है.

सऊदी अरब में 28 लाख भारतीय प्रवासी कार्यरत हैं.वे सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र से जुड़े हैं. भारतीय प्रवासी वहां वैज्ञानिक व शोध से लेकर निर्माण मजदूर तक के कामों से जुड़े हुए हैं.  सऊदी में नितकत या समीकरण योजना के बारे में राजदूत ने कहा कि उस मुद्दे का समाधान हो चुका है. मीडिया ने नितकत के बारे में काफी भ्रम फैलाया, खासकर भारत में. यह किसी खास देश से संबंधित नहीं है. बस वहां रह रहे अवैध लोगों को निकालना था. यह पूरी तरह अलग मुद्दा है.

IANS