काठमांडू. मधेशी समुदाय के लगातार विरोध प्रदर्शन के बाद अब नेपाल-भारत सीमा पर ट्रकों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है. आज सुबह लगभग 70 से ज्यादा जरूरी सामान वाले ट्रक और 10 से ज्यादा पेट्रोल टैंकर्स नेपाल पहुंच गए हैं. कस्टम अधिकारी भीम अधिकारी का कहना है कि अभी कई और कंटेनर नेपाल में प्रवेश करेंगे. जरूरी सामान जैसे गैस, डीज़ल, इलेक्ट्रिकल सामान, पेट्रोल और कई अन्य जरूरी सामान को लेकर ट्रक नेपाल में प्रवेश कर चुके हैं. 
 
काठमांडू पोस्ट में छपी खबर के मुताबिक, कस्टम अधिकारी का कहना है कि इंडियन आयल कॉर्पोरेशन के सिलिगुड़ी डिपो में करीब 20 से ज्यादा पेट्रोल टैंकर्स कतार में खड़े हुए हैं. सीमा सुरक्षा बल के एक अधिकारी के मुताबिक़, नेपाल में अगले दो दिनों में लगभग सभी ट्रक पहुंच जाएंगे. स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि सीमा सुरक्षा बल 30-30 मिनट में ट्रकों को नेपाल की सीमा में घुसने के लिए पास दे रहे हैं. 
 
इसके अलावा, नेपालगंज-रुपईदिया ट्रेड पॉइंट पर भी 10 पेट्रोल टैंकर्स नेपाल सीमा में प्रवेश कर चुके हैं. अभी लगभग 150 ट्रक सीमा में घुसने के लिए कतारों में लगे हुए हैं. 
 
कल ही, नेपाल ने भारत की कथित आर्थिक नाकेबंदी के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में शिकायत की थी. कुछ दिनों पहले नेपाल ने आरोप लगाया था कि भारत उसकी अघोषित आर्थिक नाकेबंदी कर रहा है.
 
नेपाल में संविधान बनने के बाद मधेशी और अन्य समुदायों के विरोध के चलते नेपाल-भारत सीमा पर तेल ले जाने वाले टैंकर्स की लंबी लाइन लगी हुई है. सूत्रों के मुताबिक नेपाल के पास सिर्फ चार दिनों के लिए पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी रिज़र्व रह गए हैं. नेपाल के उपप्रधानमंत्री प्रकाश मान सिंह की अगुआई में नेपाली प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून से इस मसले पर कल बात की. उन्होंने कहा कि भारतीय सीमा पर व्यापारिक मार्ग में बाधा से नेपाल में जरूरी वस्तुओं की किल्लत हो गई है.