संयुक्त राष्ट्र. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संयुक्त राष्ट्र में भाषण के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को जवाब देते हुए कहा कि भारत हर मुद्दे पर बातचीत करने के लिए तैयार है, अगर पाकिस्तान अपने यहां पनप रहे आतंकववाद को खत्म करके एक सूत्र का समाधान कर दे.

सुषमा ने कहा कि पाकिस्तान से पैदा हो रहा आतंकवाद द्विपक्षीय संबंधों के सामान्य होने में बाधक है. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि बातचीत और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते. उन्होंने कहा कि कल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने एक प्रस्ताव दिया था जिसे उन्होंने चार सूत्री नई शांति पहल कहा था. मैं जवाब देना चाहूंगी. हमें चार सूत्रों की जरूरत नहीं है. हमें सिर्फ एक ही चाहिए. आतंकवाद को त्याग दें और बैठ कर बातचीत करें.

सुषमा स्वराज ने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र का पूरा समर्थन करेगा. हम 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस मनाने जा रहे हैं. किसी के भी जीवन में 70 वर्ष अच्छा पड़ाव होता है. सुषमा स्वराज ने संयुक्त राष्ट्र में समस्या के हल के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तरीय बातचीत का भी प्रस्ताव दिया है.

26/11 का भी किया जिक्र

संयुक्त राष्ट्र महासभा में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने संबोधन में 26 नवंबर को मुंबई में हुए हमले के षड्यंत्रकारियों का जिक्र किया जो पाकिस्तान में आजाद घूम रहे हैं. सुषमा ने विश्व समुदाय पर ये सुनिश्चित करने के लिए जोर डाला कि आतंकवादियों को वित्तीय मदद, सुरक्षित पनाहगाह और हथियार मुहैया कराने वाले देश ‘भारी कीमत चुकाएं’.