काठमांडू. आज नेपाल में नया संविधान लागू हो गया है. आज राष्ट्रपति राम बरन यादव ने नए संविधान पर साइन कर एक नए इतिहास को जन्म दिया है. उन्होंने कहा कि उन्हें ये विश्वास है कि नए संविधान से सभी तरह के भेदभाव दूर होंगे. इससे देश में शांति स्थापित होगी और लोगों का विकास होगा. संविधान सभा ने इसे 2/3 बहुमत से पास कर दिया है. नए संविधान में 35 खंड, 308 अनुच्छेद और 9 अनुसूचियां हैं. 
 
अब क्या होगा नए संविधान के लागू होने के बाद?
अब नेपाल में आधिकारिक रूप से राजशाही खत्म होगी. विश्व के सामने नेपाल अब एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र कहलाएगा. नेपाल के नए संघीय ढ़ांचे के तहत नेपाल में कुल सात प्रांत होगे.
 
संविधान एक दशक बाद हुआ लागू 
नेपाल में संविधान करीब एक दशक बाद लागू हुआ है. नेपाल में पिछले कई सालों से गृह युद्ध की स्थिति बनी हुई थी.  पिछले कई सालों की उठक-पटक के बाद आज नेपाल के राष्ट्रपति ने संविधान पर साइन कर दिए.
 
नेपाल के कई इलाकों में हो रहा है विरोध 
नेपाल के मधेशी समुदाय संविधान का विरोध कर रहे हैं. उनका आरोप है कि संविधान में उनके अधिकारों को कोई जगह नहीं दी गई है. पिछले कई महीनों से जारी विरोध प्रदर्शन में कई लोगों की मौत हो चुकी है और कई घायल हुए हैं. कई जगह हालात बेकाबू हो गए हैं. हालात को नियंत्रित करने के लिए कई जगह कर्फ्यू लागू कर दिया गया है. 
 
संविधान सभा संसद में तब्दील
संविधान सभा की निर्णायक बैठक में सभा के अध्यक्ष सुबास चंद्र नेमबांग ने नए संविधान के अनुच्छेद 296 के तहत सभा को भंग करने की घोषणा की. सभा को भंग करने से पूर्व नेमबांग ने संविधान की विशेषताओं का जिक्र किया. संविधान के अनुसार, अब संविधान सभा संसद में तब्दील हो गई.