ज़गरेब. हंगरी के बाद अब क्रोएशिया के शरणार्थियों के लिए दरवाजे बंद कर देने के बाद सीरियाई शरणार्थियों का कोई भी सहारा नहीं बचा है. क्रोएशिया का कहना है कि हमारे देश में शरणार्थियों के लिए कोई जगह नहीं है. यहां से दूर रहो. उनको रोकने के लिए पुलिस की शरणार्थियों के साथ कई झडपें हुईं जिसमें कई औरतें, बच्चे घायल हुए हैं. 
 
अभी भी हजारों शरणार्थी तपती धूप में, भूखे-प्यासे यूरोप में घुसने के इंतजार में हैं. कई बसें अभी भी क्रोएशिया की सीमा में कतारों में खडी हुई हैं. शरणार्थियों को घुसने से रोकने के लिए करीब 6000 पुलिस वालों को सीमा पर तैनात कर दिया गया है. क्रोएशिया का कहना है कि करीब 11,000 शरणार्थी उनके देश में दाखिल होने की कोशिश कर रहे हैं. क्रोएशिया के गृहमंत्री रैंको ऑसटेजिक ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यहां से दूर रहो. हमारे देश में शरणार्थियों के लिए कोई जगह नहीं है.  
 
क्रोएशिया ने किया शरणार्थियों के लिए रास्ता बंद
डेली मेल में छपी खबर के मुताबिक़, ऑसटेजिक का कहना है कि उनका देश पूरी तरह से भरा हुआ है. क्रोएशिया में शरणार्थियों के लिए कोई जगह नहीं है. यहां से कोई भी सड़क जर्मनी नहीं जाती. यहां से कोई भी बस नहीं जाएगी. सभी सर्बिया में जाकर कैम्पों में रहें. इसी बीच, हंगरी के विदेश मंत्री पीटर स्ज़िजारतो ने क्रोएशिया पर हमला बोलते हुए कहा है कि क्रोएशिया शरणार्थियों को हंगरी की तरफ न धकेले. क्रोएशिया यूरोपीय यूनियन के नियमों का उल्लंघन कर रहा है. अभी भी हजारों शरणार्थी तपती धूप में, भूखे-प्यासे यूरोप में घुसने के इंतजार में हैं. कई बसें अभी भी क्रोएशिया की सीमा में कतारों में खडी हुई हैं.
 
हालांकि, इससे पहले क्रोएशिया शरणार्थियों को अपने देश में घुसने दे रहा था. 1990 में हुए बाल्कन युद्ध से प्रभावित हजारों शरणार्थियों को उसने शरण दी थी. पिछले कई महीनों से शरणार्थियों के यूरोप में घुसने के लिए क्रोएशिया एक महत्त्वपूर्ण रास्ता रहा है. सर्बिया के सरकारी बयान के मुताबिक, क्रोएशिया पर करीब 70 बसें शरणार्थियों को लेकर खडी हुई हैं.
 
यूरोपीय यूनियन के नेता करेंगे बैठक 
शरणार्थियों के संकट की समस्या को सुलझाने के लिए यूरोपीय यूनियन के नेता अगले हफ्ते एक बैठक करने वाले हैं. सवाल ये उठ रहा है कि यूरोपीय यूनियन क्या शरणार्थियों की समस्या को सही तरह से नहीं सुलझा पा रहा है.
 
 
आपको बता दें कि हंगरी ने शरणार्थी संकट का सामना कर रहे किया है. अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक शरणार्थियों पर वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले तक छोडे़ गए हैं. हंगरी के इस अमानीवय कदम की संयुक्त राष्ट्र ने भी आलोचना करते हुए कहा है कि हंगरी-सर्बिया सीमा पर हंगरी द्वारा की गई पुलिस कार्रवाई गलत है. कल ही संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कहा है कि वह शरणार्थियों के खिलाफ छोड़े गए आंसू गैस और वाटर कैनन के इस्तेमाल से बहुत दु:खी हैं.