ऑस्टिन. अमेरिका में डिजिटल घड़ी बनाकर स्कूल लाने पर गिरफ्तार किए गए अहमद मोहम्मद का कहना है कि इस घटना के बाद उसने अपनी मासूमियत खो दी है. अहमद ने बताया, “मैं अपनी मासूमियत खो चुका हूं. अब दुनिया को देखने का मेरा नजरिया बदल चुका है. मुझे साइंस पसंद है, लेकिन मेरी चमड़ी के रंग के कारण लोग मुझे खतरा समझते हैं.”
 

"Don't let people change who you are"—student inventor arrested for homemade clock

Posted by NowThis on Wednesday, September 16, 2015

अहमद ने क्या कहा
अहमद ने बताया कि मैकआर्थर हाईस्कूल के इंजीनियरिंग टीचर को घड़ी दिखाई तो उन्होंने इसे किसी और को न दिखाने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि यह बम जैसा दिखता है. अहमद ने टीचर की सलाह को नजरअंदाज किया और दूसरी टीचर को घड़ी दिखाई. अहमद ने उन पलों को याद करते हुए कहा, “दूसरी टीचर ने कहा कि यह बम जैसा है और उन्होंने पुलिस बुला ली. मुझे हथकड़ी पहनाकर ले जाया गया. उन्होंने मेरे पैरेंट्स को साथ में आने की इजाजत नहीं दी. मुझे ऐसा महसूस हुआ, जैसे मैं कोई अपराधी हूं. मैंने टीचर को इंप्रेस करने के लिए घड़ी बनाई थी लेकिन उन्होंने इसे खतरा समझा. मुझे इसका दुख है कि उन पर मेरा गलत इंप्रेशन पड़ा.”
 
 
क्या हुआ था? 
अमेरिका राज्य टेक्सास के इरविंग में रहने वाले इस 14 साल के स्टूडेंट को बम बनाने के संदेह में गिरफ्तार किया गया था. स्कूल प्रोजेक्ट के लिए घर में ही बनाई गई डिजिटल घड़ी को उसकी टीचर ने बम समझा और पुलिस बुला ली. हालांकि, पूछताछ और जांच में कोई सबूत न मिलने पर उसे कुछ देर बाद छोड़ दिया गया.