वॉशिंगटन: विदेश मंत्री सुषमा स्वाराज ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 72वें सत्र में पाकिस्तान के साथ-साथ चीन पर भी निशाना साधा. सुषमा स्वराज ने कहा कि आज आतंकवाद पर एक राय बनाने की जरुरत है. आज कई देश आतंकवाद को लेकर एक राय नहीं बना पा रहे हैं. आज हमे तेरा आतंकवाद और मेरा आतंकवाद पर नजरिया बदलना होगा. आतंकवाद को परिभाषित कर उससे लड़ना जरूरी है. आतंकवाद पर बोलते हुए सुषमा स्वराज ने कहा कि आज का विश्व अनेक संकटों से ग्रस्त है. हमें यथास्थिति से बाहर निकलकर अपने लक्ष्यों को पाना होगा. विश्व आतंकवाद और साइबर सुरक्षा पर खतरे से जूझ रहा है. उन्होंने कहा कि बेगुनाहों का खून बहाने वाला पाकिस्तान हमें मानवाधिकार का पाठ पढ़ा रहा है. 
 
संयुक्त राष्ट्र महासभा में सुषमा स्वराज ने कहा कि पीएम मोदी ने शांति और दोस्ती की नीयत दिखाई और पाकिस्तान ने हमेशा की तरह दहशतगर्दी दिखाई है. पाकिस्तान वालो आपने क्या बनाया ? आपने आतंकवादी संगठन बनाए. पाकिस्तान से सवाल है कि क्या कभी इकट्ठे बैठकर सोचा है कि भारत और पाकिस्तान साथ-साथ आजाद हुए. विदेश मंत्री ने कहा कि आज के जमाने में भारत की पहचान आईआईटी, आईआईएम के तौर पर पहचान मिली लेकिन पाकिस्तान आज केवल दहशतगर्दी के लिए जाना जाता है. पाकिस्तान वालो अपने मुल्क की तरक्की के लिए पैसा खर्च करो, आतंकवाद पर नहीं. स्वराज ने कहा कि जिस वक्त वो (पाकिस्तान के प्रधानमंत्री) बोल रहे थे तो सुनने वाले कह रहे थे ‘लुक हू इज टॉकिंग’. 
 
मोदी सरकार की योजनाओं के बारे में बताते हुए स्वराज ने कहा कि भारत ने गरीबी से निपटने के लिए दूसरा रास्ता अपनाया. बेरोजगारी गरीबी को जन्म देती है, हम अपनी योजनाओं के जरिए लोगों को रोजगार के काबिल बना रहे हैं. रोजगार के लिए स्किल इंडिया जैसी योजनाएं शुरू कीं. नोटबंदी के जरिए भ्रष्टाचार पर किया हमला. सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान पर करारा हमला करते हुए कहा कि जो मुल्क हैवानियत की हदें पार करके, सैकड़ों बेगुनाहों को मौत के घाट उतरवाता है वह यहां खड़ा होकर हमें इंसानियत का सबक सिखा रहा था, मानवाधिकार का पाठ पढ़ा रहा था. उन्होंने कहा कि पाक के वजीर-ए-आजम ने हमें स्टेट स्पॉन्शर्ड टेररिज्म फैलाने का गुनाहगार बताया और हम पर मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाया.