इस्लामाबाद. पाकिस्तान की राष्ट्रीय जांच एजेंसी FIA (फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) के पूर्व डायरेक्टर जनरल तारिक खोसा ने मुंबई हमलों में पाकिस्तानी कनेक्शन की बात को बात को मानते हुए जांच में टालमटोल के सरकार के रवैये को आड़े हाथों लिया है.

पाकिस्तानी अखबार डॉन में छपे अपने लेख में उन्होंने पाकिस्तान सरकार से सपष्ट कहा है कि उसे अपनी गलती स्वीकारते हुए इस मामले की जांच में सहयोग करना चाहिए.

खोसा में कहा कि ऐसे भयंकर हमलों की साजिश रचने वाले लोगों को सजा देकर उदाहरण पेश करने की ज़रुरत है. इस मामले में पाकिस्तान सरकार के टालमटोल वाले रवैये पर उन्होंने सख्ती से कहा कि इस व्यवहार का परिणाम पाकिस्तान अपनी सरहदों के भीतर भी भुगत रहा है. 

तारिक खोसा ने इन कुल 7 तथ्यों के ज़रिये अपनी बात कही है:
1. जैसा कि जांच के बाद साबित हुआ कि अजमल कसाब एक पाकिस्तानी नागरिक था. उसका घर, स्कूली पढ़ाई और प्रतिबंधित मिलिटेंट ग्रुप में ट्रेनिंग पाकिस्तान में ही पूरी हुई.
2. उसकी ट्रेनिंग आतंकी ग्रुप लश्कर ए तैयेबा के सिंध के थेट्टा स्थित कैंप में हुई. यहीं से उसे समुद्र के रास्ते भारत भेजा गया. जांच में यह बात भी सामने आई है कि मुंबई हमलों के दौरान इस्तेमाल किए गए हथियार और बम इसी कैंप से ले जाए गए थे. 
3. भारतीय जहाज को हाइजैक कर मुंबई पहुंचने के लिए जिस दुसरे जहाज का इस्तेमाल किया गया था वह समुद्र तट पर वापस लायी गई और उसे पेंट कर दिया गया. बाद में उसे छुपा दिया गया. हालांकि इसे बाद में जांच करने के दौरान ढूंढ लिया गया. 
4. इस जहाज के इंजन की जांच करने से पता चला कि इसे जापान से लाहौर इम्पोर्ट किया गया था. बाद में इसे और एक छोटी कश्ती को कराची स्पोर्ट्स शॉप से एक लश्कर के आतंकी ने खरीद लिया. बाद में इसी का पीछा करते हुए जांचकर्ता खरीदने वाले आतंकी तक पहुंच पाए. 
5. वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल के जरिये जांचकर्ताओं ने कराची के उस ऑपरेशन रूम का भी पता लगा लिया जहां से मुंबई हमले के दौरान निर्देश दिए जा रहे थे. 
6. कथित कमांडर और उनके प्रतिनिधि की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया गया.
7. इस पूरे हमले की योजना के लिए पैसा और बाकी सामान मुहैया कराने वाले विदेश में रह रहे 2 लोगों को गिरफ्तार कर अदालत के सामने पेश किया गया.