इस्लामाबाद: पाकिस्तान इंटरनेशनल कोर्ट में कुलभूषण जाधव केस में मिली शिकस्त के बाद तिलमिला गया है. पाकिस्तान लाइन ऑफ कंट्रोल के नजदीक अपनी बॉर्डर ऐक्शन टीम (BAT) के कमांडोज तैनात किए है. ये कमांडोज धोखे से वार करने के लिए मशहूर हैं. इनका मकसद केवल भारतीय जवानों पर हमला करना है. 
 
बीएसएफ के एडीजी केएन चौबे ने बताया कि बैट में पाकिस्तान में कमांडोज के अलावा कई संगठनों के आतंकी गश्त लगाते रहते हैं. उन्होंने बताया कि लाइन ऑफ कंट्रोल और खासकर हाजी पीर क्षेत्र के पास भारतीय जवानों को निशाना बनाने की फिराक में है. ये कमांडोज पाकिस्तान ने इस लिए लगाए हैं क्योंकि उन्हें हर जगह भारत से हार मिल रही है, चाहें वो बॉर्डर हो या फिर आईसीजे.
 
बता दें कि इससे पहले बीएसएफ के हेड कॉन्स्टेबल प्रेम सागर और सेना के नायब सूबेदार परमजीत सिंह इन्हीं के हमले में शहीद हो गए थे. इसी बैट टीम ने साल 2013 में शहीद हेमराज का सिर काट दिय था. बताया जाता है कि इन्हें क्रूरता की बाकायदा ट्रेनिंग दी जाती है.
 
 
बैट को इतनी क्रूर ट्रेनिंग दी जाती है कि वो मानवता की किसी भी हद को पार कर सकती है. बताया जाता है कि इन्हें ट्रेनिंग के दौरान मुर्गे की गर्दन दांत से काटनी होती है और खून पीना होता है. बैट में ज्यादातर आतंकवादी होते हैं ताकि वो पकड़े भी जाएं तो पाकिस्तान उसे अपना मानने से इनकार कर सके.
 
 
बैट भारत के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन में सैटेलाइट फोन, डिजिटल नेविगेशन सिस्टम, शोर्टगन और स्पोर्ट जीपीएस का इस्तेमाल करती है. हथियार में ये ज्यादातर ए के-47 अपने पास रखते हैं. इसी तरह की ट्रेनिंग अमेरिका में सील कमांडो को दी जाती है जिन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक कमांडो माना जाता है. इन्हें एलओसी में 1 से 3 किलोमीटर तक अंदर घुसकर हमला करने के लिए तैयार किया गया है.