इस्लामाबाद: कुलभूषण जाधव केस में इंटरनेशनल कोर्ट में पाकिस्तान को शिकस्त मिलने के बाद हार मानने को तैयार नहीं है कि उसकी कोर्ट में उसकी हार हुई है. प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने कहा है कि ICJ ने जाधव को कांसुलर ऐक्सेस देने का कोई आदेश नहीं दिया है. कोर्ट ने केवल जाधव की फांसी की सजा पर स्टे लगाया है. 
 
सरतात अजीज ने कहा कि यह कहना गलत है कि पाकिस्तान ICJ में हार गया. कोर्ट ने स्टे लगाया है, जाधव को कांसुलर ऐक्सेस देने का आदेश नहीं दिया है. कुछ दिनों पहले समय की कमी थी, हम अगली बार अपनी लीगल टीम को और मजबूत करेंगे. उन्होंने कहा कि कोर्ट ने इस केस की मेरिट या जूरिस्डिक्शन को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं सुनाया है और खावेर कुरैशी को भेजने का फैसला सर्वसम्मति से लिया गया था.
 
 
बता दें कि पाकिस्तान द्वारा कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद भारत ने अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था. हरीश साल्वे की अगुवाई में भारत की ओर से दाखिल याचिका की सुनवाई के दौरान पाकिस्तान को बुरी तरह से हार मिली थी. जिसमें इंटरनेशनल कोर्ट ने पाकिस्तान द्वारा जाधव को फांसी देने के फैसले पर स्टे ऑर्डर दे दिया था. अब पाकिस्तान इसी फैसले पर इंटरनेशनल कोर्ट से पुनर्विचार की मांग कर रहा है.
 
 
पाकिस्तान ने पूर्व भारतीय नौसैनिक कुलभूषण जाधव को रॉ का एजेंट बताकर फांसी की सजा सुनाई है. भारत का आरोप है कि ना तो कुलभूषण तक काउंसलर एक्सेस दिया गया और ना ही उन्हें अपनी पैरवी करने का मौका दिया गया. भारत ने कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान में मिली सजा के खिलाफ अंतराष्ट्रीय कोर्ट में अपील की थी. 
 
 
पाकिस्तान की एक सैन्य कोर्ट ने पिछले महीने जाधव को कथित तौर पर जासूसी और विध्वंसक गतिविधियों के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी. पाकिस्तान ने भारतीय नौसेना के पूर्व कमांडर जाधव की गिरफ्तारी 29 मार्च 2016 को दिखाई थी और दावा किया था कि जाधव बलूचिस्तान और कराची में आतंकवाद फैलाने का काम कर रहे थे. भारत का कहना है कि जाधव को अगवा किया गया है.