इस्लामाबाद : पनामा पेपर्स लीक मामले पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने पीएम नवाज शरीफ को फिलहाल राहत देते हुए कोर्ट की पांच सदस्यीय बेंच ने 3-2 से फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने सुंयुक्त जांच टीम बनाने को कहा है. जेआईटी 60 दिनों में अपना फैसला सुनाएगी. पाक पीएम नवाज शरीफ को इसके सामने पेश होना होगा. इसी जेआईटी के फैसले के आधार पर सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी. 
 
बता दें कि इस फैसले पर पाकिस्तान की राजनीतिक पार्टियों के अलावा पूरी दुनिया की निगहें टिकी हुई थीं. लेकिन अब यह अगले 60 दिन के लिए टल गया है. अगर नवाज शरीफ इस मामले में दोषी पाए जाते हैं तो इसका सीधा असर यहां के राजनीतिक भविष्यि पर पड़ेगा. संयुक्त जांच टीम पैसा कतर भेजे जाने की जांच करेगी. कोर्ट ने कहा कि नवाज और उनके दोनों बेटों को जांच टीम के सामने पेश होना होगा.
 
पाकिस्तान के कई राजनैतिक दलों (तहरीक-ए-इंसाफ, जमात-ए-इस्लामी, आवामी मुस्लिम लीग व अन्य दलों) ने नवाज शरीफ के खिलाफ याचिका दायर की थी. आपको याद दिला दें कि पिछले साल अप्रैल में पनामा पेपर्स ने पाकिस्तान की राजनीति में भूचाल ला दिया था. इससे पहले बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष की दलीलें समाप्त होने के बाद पाकिस्तान की सर्वोच्च अदालत ने 23 फरवरी को पनामागेट मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. कोर्ट का कहना था कि इस पर वह विस्तृत फैसला 20 अप्रैल को सुनाएगा.
 
बता दें कि यह मामला 1990 के दशक में शरीफ द्वारा धन शोधन कर लंदन में संपत्ति खरीदने का है. शरीफ उस दौरान दो बार प्रधानमंत्री रहे थे. सुप्रीम कोर्ट में पांच जजों की बेंच के मुखिया जस्टिस आसिफ सईद खोसा ने इस केस की सुनवाई की थी.