वाशिंगटन : अमेरिका के नए राष्ट्रपति की ट्रेवल बैन नीति का असर वहां के विश्वविद्यालयों में देखने को मिल रहा है. अमेरिकी यूनिवर्सिटी में प्रवेश के लिए इस साल विदेशी आवेदकों की संख्या में भारी गिरावट देखी गई है. ये गिरावट लगभग सभी प्रोग्राम में आई है. अमेरिकन असोसिएशन ऑफ कलिजिएट रजिस्ट्रार्स के मुताबिक, अमेरिका के विभिन्न कॉलेजों में विदेशी स्टूडेंट्स द्वारा किए जाने वाले आवेदन में करीब 40 फीसदी की गिरावट आई है. 
 
यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी और नॉर्थ-ईस्टर्न यूनिवर्सिटी के अनुसार उनके यहां विदेशी छात्रों की संख्या ज्यादा रही है. पोर्टलैंड स्टेट यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष विम विवेल पिछले हफ्ते हैदराबाद में 10 छात्रों से मिले. लेकिन काउंसिलिंग सेशन में छात्रों ने पढ़ाई के लिए अमेरिका जाने में डर जताया. एक मुस्लिम छात्र ने बताया कि उसके पिता अमेरिका के मुस्लिम विरोधी रवैये की वजह से उसे वहां भेजने से डर रहे हैं. जबकि दूसरे छात्रों का कहना था कि वो ट्रंप इफेक्ट की वजह से चिंता में हैं. 
 
आंकड़ों के अनुसार विदेशी स्टूडेंटस का अमेरिका की अर्थव्यवस्था में भी काफी योगदान है. हर साल ये 32 अरब डॉलर का योगदान देते हैं. इस नए आदेश के बाद से अमेरिका की यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएशन में एडमिशन में सबसे अधिक तकरीबन 50 फीसदी की गिरावट देखी गई है. 
 
बता दें कि ट्रंप ने राष्ट्रपति बनने के बाद सूडान, सीरिया, ईरान, लीबिया, सोमालिया और यमन के नागरिकों पर 90 दिन का बैन लगाया है. ट्रंप के संशोधित ट्रैवल ऑर्डर पर रोक लगाने वाले हवाई के जज ने बुधवार को कहा कि इस ऑर्डर से देश के उन यूनिवर्सिटी को नुकसान होगा, जो कि उन छह देशों के स्टूडेंट और टीचरों की भर्ती करती हैं.