मॉस्को. भारत के सबसे करीबी समझे जाने वाले देश रूस ने योग पर प्रतिबंध लगा दिया है. उसने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाए जाने के कुछ दिन बाद ही ऐसा किया है. रोक संबंधी आदेश में योग को जादू-टोना से जुड़ा बताया गया है.

‘मॉस्को टाइम्स’ के मुताबिक औरा और इंगारा नामक स्टूडियो हठ योग के लिए स्टेडियम और मीटिंग हॉल किराए पर ले रहे थे. दोनों को ऐसा करने पर नोटिस दिया गया है. उन्हें हठ योग के लिए सरकारी स्थानों का इस्तेमाल करने से भी रोक दिया गया है. अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों ने कहा है कि योग धार्मिक कर्मकांड है. इसका जादू-टोने से भी संबंध है. इससे पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन योग को लेकर सवाल उठा चुके हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा योग के लिए अलग मंत्रालय बनाने पर कहा था कि हर व्यक्ति योग क्यों करना चाहेगा?

पुतिन ने पूछा था, ‘मोदी करते हैं योग?’
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर सवाल पूछा था. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब पुतिन को बताया गया कि मोदी ने योग के लिए अलग से एक मंत्रालय खोला है तो उन्होंने तपाक से पूछा, “क्या मोदी योग करते हैं? बता दें कि पुतिन सेंट पीटर्सबर्ग में इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम के दूसरे दिन पत्रकारों के सवालों के जवाब दे रहे थे.

मोदी के मंत्रालय पर जताया संदेह
योग के लिए आयुष मंत्रालय खोले जाने पर संदेह जताते हुए पुतिन ने मुस्कराते हुए पूछा कि इसे हर कोई क्यों करेगा. उन्होंने हैरानी जताई कि जो व्यक्ति दुनिया भर में योग को फैला रहा है, क्या वह इस योग को करता होगा? गौरतलब है कि बीते साल भारत सरकार ने आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए आयुष मंत्रालय का गठन किया था.

एजेंसी