नई दिल्ली. पंजाब के अमृतसर में होने वाले हॉर्ट ऑफ एशिया सम्मेलन में भारत और अफगानिस्तान ने आतंकवाद पर पाकिस्तान को घेरने की तैयारी की है. उम्मीद की जा रही है कि इस सम्मेलन में सीमापार से आतंक के खिलाफ एक सुर में निंदा प्रस्ताव पारित किया जाएगा. 
 
बता दें कि यह सम्मेलन 3 और 4 दिसंबर को आयोजित किया जा रहा है और यह छठवां हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन है. सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद मोदी करेंगे. वित्त मंत्री अरुण जेटली सम्मेलन के मंत्रीस्तरीय बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे.
 
शनिवार से शुरु हो रहे इस सम्मेलन में चीन, अमेरिका, रुस, ईरान और पाकिस्तान सहित 30 से ज्यादा देश भाग ले रहे हैं. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के विदेश नीति के सलाहकार सरताज अजीज भी सम्मेलन में भाग लेने अमृतसर आयेंगे. सरताज अजीज ऐसे समय भारत आ रहे हैं जब भारत और पाकिस्तान के बीच बहुत अधिक तनाव है और पाकिस्तान सीमापार से आतंक को बढ़ावा देना बंद नही कर रहा है.
 
पाकिस्तान सेना लगातार संघर्षविराम का उल्लंघन कर रही है. अजीज के भारत आने से शायद दोनों देशों के बीच संबंधों को सुधरने का कोई रास्ता निकले और बातचीत का रास्ता खुले. बता दें कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अस्वस्थ हैं इसलिए वे इस सम्मेलन में भाग नहीं ले पाएंगी. 
 
भारत का साफ कहना है कि जबतक पाकिस्तान सीमापार से आतंक को बढ़ावा देना बंद नहीं करेगा, संबंध नहीं सुधरेंगे. अभी नियंत्रण रेखा पर युद्ध जैसे हालात हैं. उरी हमले और सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से तो संबंध बहुत अधिक खराब हो गए हैं.
 
भारत का कहना है कि पाकिस्तान ने आतंक को संरक्षण देने को अपनी कूटनीति का हिस्सा बना लिया है और वह आतंक को बढ़ावा देना बंद नहीं कर रहा है,  इसी वजह से अफगानिस्तान में शांति नहीं आ पा रही है. बता दें कि यह बैठक अफगानिस्तान के पुनर्गठन और उसे मदद पहुंचाने के उद्देश्य से हो रही है.