फ्रैंकफर्ट. यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी प्रमुख का पदभार संभालने जा रहे जेडी वॉर्नर ने कहा है कि भारत और चीन के लिए भी अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पर जगह बनानी चाहिए जिससे ये दोनों देश भी अंतरिक्ष से रिसर्च कर सकें.

यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की कमान 1 जुलाई से अपने हाथ में ले रहे वॉर्नर ने एक इंटरव्यू में कहा है कि इसे एक क्लोज्ड क्लब बनाए रखने की नीति को पीछे छोड़ देने का समय आ गया है.

100 अरब डॉलर की लागत से बना अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र 15 देशों के लिए अंतरिक्ष में रिसर्च का ठिकाना है. इन देशों में अमेरिका, रूस और जर्मनी शामिल हैं. 

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र के लिए वर्ष 2020 तक की फंडिंग का इंतजाम है. फंडिंग को 2024 तक के लिए बढ़ाने पर बातचीत चल रही है. इस केंद्र को चलाने पर अमेरिका हर साल 3 अरब डॉलर खर्च करता है. अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र धरती से 400 किलोमीटर ऊपर है.