वाशिंगटन. अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने से संबंधित अंतरिम समझौते के तहत वार्ताकार देशों के साथ तय अपनी सभी बचनबद्धताएं पूरी की हैं. अमेरिका के उपविदेश मंत्री एंथनी ब्लिंकन ने सोमवार को कहा, “ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम से संबंधित कई प्रक्रियाओं पर रोक लगा दी है और इन्हें वापस ले लिया है.”

समझौता वार्ता पहुंची अंतिम चरण में 
ब्लिंकन ने हाल ही में कहा था कि ईरान के साथ उसके परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता करने वाले पी5प्लस1 समूह के देश (अमेरिका, फ्रांस, चीन, रूस, ब्रिटेन और जर्मनी) ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने से संबंधित व्यापक समझौते को 30 जून तक अंतिम रूप देने के लिए प्रयासरत हैं. इस तिथि पर नवंबर 2014 में वार्ताकार देशों ने सहमति जताई थी. इससे पहले वे व्यापक परमाणु समझौते तक पहुंचने में असफल रहे थे, क्योंकि इस मुद्दे पर देशों में मतभेद थे कि ईरान की यूरेनियम संवर्धन क्षमता को किस प्रकार नियंत्रित किया जाए और उसकी अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले प्रतिबंधों में किस प्रकार ढील दी जाए.

अभी भी बाकी है काई सारे संदेह
ब्लिंकन ने हालांकि एक बार फिर 30 जून की निर्धारित तिथि तक व्यापक परमाणु समझौता हो जाने पर संदेह जताया है. उन्होंने कहा, “30 जून की तारीख तेजी से करीब आ रही है, लेकिन हम अब तक व्यापक समझौते तक नहीं पहुंचे हैं. इसकी संभावना कम ही दिखती है कि हम ऐसा करने में कामयाब होंगे. ” ब्लिंकन ने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए व्यापक समझौता सबसे बेहतर विकल्प है और यह सोचना ‘फंतासी’ जैसा है कि ईरान पर अत्यधिक प्रतिबंध लगाकर उसे परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जा सकता है. गौरतबल है कि अमेरिकी कांग्रेस के कुछ सदस्य और इजरायल ईरान के साथ वार्ता का विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि इस मामले में समझौते से ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका नहीं जा सकेगा.
IANS