इस्लामाबाद. पाकिस्तानी सेना प्रमुख राहिल शरीफ ने सरकार से कहा है कि वह पता लगाए कि सेना की ख़ुफ़िया मीटिंग की खबर एक अख़बार तक कैसे पहुंची. इस काम के लिए सेना ने सरकार को पांच दिन का समय दिया है.
 
दरअसल कुछ दिन पहले पाकिस्तान के एक अखबार ‘डॉन’ में ये खबर छपी थी कि विभिन्न आतंकी समूहों पर कारवाई करने को लेकर पाकिस्तानी सरकार और सेना के बीच गहरे मतभेद है.
 
ये मतभेद सेना और सरकार के बीच हुई एक मीटिंग में सामने निकल कर आये थे. जो रावलपिंडी में हुई थी. हालांकि बाद में पाकिस्तानी सरकार ने इस खबर का खंडन किया था और इसे मनगढंत बताया था.
 
इस खबर को प्रकाशित करने वाले पत्रकार सिरिल अलमीडा का कहना है कि यह खबर बिलकुल सही थी और उन्होंने खबर प्रकाशित करने से पहले तीन बार इसे सत्यापित किया था.
 
गौरतलब है कि इससे पहले पाकिस्तान सरकार ने अलमिडा के देश छोड़ने पर प्रतिबन्ध लगा दिया था, लेकिन बाद में अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते उनका नाम एग्जिट कण्ट्रोल लिस्ट से बाहर निकाल दिया गया था.