ढाका. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय बांग्लादेश यात्रा के दौरान उनके जोरदार भाषण और 65 सूत्री संयुक्त घोषणा-पत्र को सोमवार को बांग्लादेशी मीडिया में काफी तवज्जो मिली है. बांग्लादेशी मीडिया ने मोदी को दूरदर्शी और खुले विचारों वाला बताया. बांग्लादेश के सर्वाधिक बिकने वाले अंग्रेजी समाचार पत्र ‘द डेली स्टार’ ने लिखा है कि दोनों देशों ने भूमि सीमा समझौता (एलबीए) तो किया, जबकि तीस्ता नदी जल बंटवारा समझौता लंबित है.

अखबार के मुताबिक, “तीस्ता के मुद्दे पर कुछ नहीं हुआ. हमें फिर भी कनेक्टिविटी के नाम पर सभी तरह के पारगमन के स्वरूपों पर समहत होना पड़ेगा. यह परिणाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरक शक्ति का प्रमाण है, लेकिन इससे अधिक यह हमारा उन पर विश्वास है कि वह अपने सभी वादे पूरा करेंगे, जो उनके पूर्ववर्ती मनमोहन सिंह पूरा नहीं कर पाए थे.”

मोदी की स्पीच से मीडिया खुश 
अखबार ने लिखा है, “बांग्लादेशी मीडिया ने प्रधानमंत्री मोदी की पहली बांग्लादेश यात्रा की बगैर किसी आलोचना के पूर्ण और व्यापक कवरेज की. इस अखबार ने भी ऐसा कवरेज दिया, जैसा कि इसने इसके पहले कभी नहीं किया था.” समाचार पत्र ने मोदी की ‘पड़ोसी पहले’ की नीति की प्रशंसा करते हुए लिखा, “किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने अपने पड़ोसियों के बारे में इसके पहले ऐसा कभी नहीं कहा.” अखबार ने लिखा है, “लेकिन दुर्भाग्यवश पड़ोसी से मतलब आमतौर पर पाकिस्तान रहा और कभी-कभी चीन.”

“हमें आशा है कि प्रधानमंत्री मोदी इसे बदलेंगे, और उन्हें ऐसा तेजी से करने के लिए बांग्लादेश में हमें उन्हें हरहाल में प्रोत्साहित करना चाहिए. फिर बांग्लादेश स्वाभाविक रूप से, चीन को दरकिनार कर भारत का सबसे महत्वपूर्ण पड़ोसी बनकर उभरेगा. यदि ऐसा होता है तो फिर दोनों देशों के द्विपक्षीय सहयोग की कोई सीमा नहीं होगी.” बांग्लादेश के सामान्य और द्विपक्षीय वैश्विक कारोबार में भारी बढ़ोतरी की वजह से विशेष रूप से भारत सहित दुनिया भर से एफडीआई आने की उम्मीद है.

सभी समाचार पत्रों में संयुक्त घोषणा पत्र को विशेष स्थान दिया गया है और प्रधानमंत्री की यात्रा के प्रत्येक कार्यक्रम पर विशेष रपट प्रकाशित की गई है. बांग्लादेश के राष्ट्रपति अब्दुल हामिद, विपक्ष की नेता खालिदा जिया, अन्य पार्टियों के दिग्गजों के साथ मोदी की बैठक, रामकृष्ण मिशन और ढाकेश्वरी मंदिर की उनकी यात्राओं को विशेष तवज्जो दी गई है.
IANS