बीजिंग. चीन के शिनजियांग प्रांत में मां-बाप अपने बच्चों पर जबरदस्ती धर्म नहीं थोप सकते. चीन की सरकार ने बुधवार को एक नई शिक्षा नीति की घोषणा की है, इसके अनुसार अगर कोई मां-बाप या अभिभावक अपने बच्चों पर जबरन धार्मिक चीजों को थोपता पाया गया तो इसकी पुलिस में शिकायत की जा सकेगी.
 
 
‘यहां प्रदर्शन चीन के खिलाफ होता है’
 
शिनजियांग की लगभग एक करोड़ लोग मुस्लिम वीगर समुदाय के हैं. ये प्रांत पिछले काफी समय से इस्लामी चरमपंथी हिंसा से प्रभावित रहा है जिसमें सैकड़ों लोग जान जा चुकी हैं. वीगर समुदाय के नेताओं ने बताया है कि यहां प्रदर्शन दमनकारी चीनी पुलिस के खिलाफ होते हैं. हालांकि चीन सरकार ने शिनजियांग प्रांत में किसी भी तरह के गैर-कानूनी दमन से इनकार किया है.
 
 
‘नाबालिग किसी धार्मिक सम्मेलन में नहीं होंगे शामिल’
 
चीन सरकार के अनुसार वीगर समुदाय के लोगों को कानूनी, धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकार पूरी तरह सुरक्षित हैं. चीन में हर किसी को आधिकारिक तौर पर किसी भी धर्म को चुनने की स्वतंत्रता है लेकिन नाबालिगों के धार्मिक कृत्यों में शामिल होने को किसी भी हालत में प्रोत्साहित नहीं किया जाता.
 
पिछले कुछ सालों में यहां के प्रशासन ने कई धार्मिक स्कूलों और मदरसों पर छापा मारा है. चीन सरकार ने बताया है कि नई शिक्षा नीति इसी साल एक नवंबर से लागू होगी.
 
 
‘धार्मिक कपड़े और शिक्षा से रखें दूर’
 
प्रांत के सरकारी अखबार शिनजियांग डेली में प्रकाशित खबर के मुताबिक माता-पिता या फिर अभिभावक नाबालिगों को किसी भी धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए लालच या भय का प्रयोग नहीं कर सकते.
 
साथ ही माता-पिता नाबालिगों में चरमपंथी विचारों को भी बढ़ावा नहीं दे सकते. खबर के अनुसार बच्चों को न ही धार्मिक कपड़े और शिक्षा को बाध्य कर सकते हैं. प्रशासन ने शिनजियांग के स्कूलों में भी किसी तरह के धार्मिक आयोजन पर रोक लगा दी है.
 
 
‘बुर्का पहनने पर भी है रोक’
 
अखबार के अनुसार कोई भी व्यक्ति या फिर समूह बच्चों के ऐसे बरताव पर रोक लगाने के लिए पुलिस में शिकायत कर सकता है. पहले से ही शिनजियांग में पुरुषों के दाढ़ी रखने और महिलाओं के बुर्का पहनने पर रोक लगा रखी है.
 
 
‘आतंकवादियों की तारीफ करते हैं प्रोफेसर इलहाम’
 
चीन वीगर समुदाय के नेताओं के संग सख्ती से पेश आता रहा है. प्रशासन ने 2014 में प्रोफेसर इलहाम तोहती ने नामक वीगर मुस्लिम नेता को अलगावाद को बढ़ावा देने के आरोपों में जेल भेज दिया था.
 
प्रोफेसर इलहाम को मंगलवार को प्रतिष्ठित वार्षिक मानवाधिकार सम्मान दिया गया. चीन ने इस सम्मालन की आलोचना करते हुए कहा कि इलहाम एक अपराधी हैं जो हमेशा आतंकवादियों की तारीफ करते हैं.