शांति के नोबल पुरस्कार के विजेता की घोषणा कर दी गयी है.  इस साल कोलंबिया के राष्ट्रपति ह्वान मैनुएल सांतोस को इस पुरस्कार से नवाजा गया है. संतोस को यह पुरस्कार गृह युद्ध को खत्म करने में उनके योगदान के लिए दिया गया है गया हैं.
 
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इस युद्ध में  करीब 220,000 कोलंबियन नागरिकों ने अपनी जान गवाई थी.  इतना ही नही  6 मिलियन लोग इसमें बेघर होने को भी मजबूर हुए थे. इस मौके पर नोबल कमेटी ने फार्क विद्रोहियों के साथ इनके शांति  समझौते की तारीफ भी की.  इस समझौते के लिए संतोस ने कई सालों तक प्रयास किया. 
 
बता दें कि फार्क (रिवल्यूशनरी आर्म्ड फोर्सेस ऑफ कोलंबिया) कोलंबिया का सबसे बड़ा विद्रोही समूह है. इस समूह की स्थापना 1964 में हुई थी. इस विद्रोही समूह के लोग कार्ल मार्क्स और लेनिन की विचारधारा का मानते हैं. 
 
काफी समय से  कोलंबियन सरकार और इस विद्रोही समूह के बीच तनाव की स्थिति थी जो कि राष्ट्रपति जुआन मेन्युअल संतोस द्वारा कराये गए समझौते के बाद सामान्य हुई. इस बड़ी उपलब्धि के लिए उन्हें 2016 शांति नोबल पुरस्कार दिया गया है.