लंदन. ब्रिटिश यूनिवर्सिटीज रिसर्च के लिए जानी जाती हैं. हर पीएचडी स्टूडेंट का सपना होता है कि वह ब्रिटिश यूनिवर्सिटीज से अपनी रिसर्च पूरी करे, लेकिन इस शानदार रिसर्च के पीछे का सच बहुत ही भयानक है जो हर स्टूडेंट्स को सोचने पर मजबूर कर देगा.
 
न्यूजपेपर ‘द गार्जियन’ मे छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन में पढ़ रहे ज्यादातर पीएचडी स्टूडेंट्स को प्रोफेसरों के साथ सिर्फ इसलिए सेक्सुअल रिलेशनशिप बनाने पड़ते हैं क्योंकि उन्हें पीएचडी में अच्छे ग्रेड चाहिए और अगर इस चीज के लिए वह मना करती हैं तो उन पर तरह-तरह के दबाव डाले जाते हैं और कई तरह से ब्लैकमेल किया जाता है.
 
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रिपोर्ट्स में यह बात भी सामने आई है कि जिस विषय में पीएचडी करती हैं उनके सुपरवाइजर उन्हें अपने साथ सोने के लिए मजबूर करते हैं और ऐसा न करने पर तरह-तरह की धमकियां दी जाती हैं. बता दें कि ये कहानी किसी एक लड़की की नहीं है. इस पूरे मामले में स्टूडेंट के साथ कॉलेज में काम कर रही महिला स्टाफ को भी प्रोफेसर अपने शोषण का शिकार बनाता है.
 
इस रिपोर्ट में कई लड़कियों ने अपनी आपबीती बताई है जिसे सुनकर आप चौंक जाएंगे. एक लड़की ने अपनी बात सामने रखते हुए कहा कि पीएचडी सुपरवाइजर ने लड़की से नंगी तस्वीरें मांगी और जब लड़की ने ऐसा करने से मना किया तो प्रोफेसर ने रेप की धमकी दी. लड़की ने कहा, ‘उस प्रोफेसर ने मुझे इस बात को किसी से भी नहीं बोलने को कहा क्योंकि वह जानता था कि कॉलेज में सभी उसको पसंद करते थे और उसे पता था कि इसके लिए उसे किसी प्रकार का दंड नहीं दिया जाएगा.’
 
रिपोर्ट में कई एकाउंट शामिल किए गए है जिसमें इस बात का साफ संकेत मिलता है कि कई यूनिवर्सिटी छात्रों और कर्मचारियों के साथ हो रहे शोषण को रोकने में पूरी तरफ से असफल रही है. एक महिला शैक्षणिक ने अपने एक वरिष्ठ पुरुष सहयोगी के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत की, लेकिन परिणाम सोच से बिलकुल परे हुआ.
 
गुनहगार व्यक्ति के खिलाफ तो कुछ नहीं हुआ बल्कि जिस महिला ने शिकायत दर्ज कराई उसके ऊपर झूठे आरोप लगाएं गए और यूनिवर्सिटी कैंपस में सबके सामने मार्च करवाया गया, साथ ही तीन महीने के लिए यूनिवर्सिटी से सस्पेंड कर दिया गया. कई बार ऐसे मामले में प्रोफेसर कॉलेज छोड़कर चले भी जाते हैं तो उन्हें आसानी से दूसरे कॉलेजों में काम मिल जाता है क्योंकि उनपर कोई कार्यवाई नहीं की जाती है.
 
रिपोर्ट में एक महिला अपनी कहानी बताते हुए कहती हैं कि मैंने अपने साथ काम करने वाले व्यक्ति की एसॉल्ट की शिकायत मानव संसाधन में की, लेकिन सबसे ज्यादा शर्म और आघात की बात यह थी कि मेरी शिकायत को दो आदमी कंडक्ट कर रहे थे. मुझे इस बात से शर्म नहीं आ रही थी कि मेरा शोषण हुआ है इस बात से ज्यादा मुझे ये बुरा लग रहा था कि दो मर्द मुझे कैसे-कैसे सवाल कर के एसॉल्ट कर रहे थे. आगे लड़की बताते हुए कहती है कि ये सब देख कर मुझे हिम्मत ही नहीं हुई कि मैं इसके अगले औपचारिक नेक्स्ट लेवल पर जाऊं.
 
एक दूसरे पीएचडी स्टूडेंट ने अपनी शिकायत को लेकर कहा कि वह एक सिनियर स्टाफ मेंबर के साथ रिलेशनशिप में थी और बाद में उसने मेरे साथ रेप किया. आगे लड़की उस प्रोफेसर के आरोप को बताते हुए कहती है कि वह ऐसा इंसान था जो चीज उसे चाहिए वह उसके लिए कुछ भी कर सकता था. वह फेमस प्रोफेसर है. कई महिलाओं ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई लेकिन यूनिवर्सिटी ऐसे मामले में अपराधियों के तरफ से ही बोलते हैं क्यों कि उन्हें अपने स्टार रिसर्चर और अपने पैसे खर्च होने का खतरा बढ़ जाता है.